जम्मू, 02 फ़रवरी (हि.स.)। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को कहा, “एक विकसित समाज और एक विकसित राष्ट्र का सही अर्थ केवल बुनियादी ढांचे, आधुनिक प्रौद्योगिकी या आर्थिक प्रगति तक ही सीमित नहीं है। एक विकसित समाज और राष्ट्र वह स्थान भी है जहां लोगों में मजबूत चरित्र हो, सामाजिक मूल्य दृढ़ हों और सामाजिक ताना-बाना एकता में बंधा रहे।” उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सच्ची पहचान उसके नागरिकों के चिंतन, आचरण और आपसी विश्वास से उभरती है और युवा ही इस चिंतन और आचरण की संपत्ति का निर्माण करते हैं।

उपराज्यपाल ने कहा, “एक विकसित राष्ट्र के केंद्र में युवा शक्ति होती है। युवा किसी भी देश की सबसे ऊर्जावान, रचनात्मक और परिवर्तनकारी शक्ति होते हैं। युवा ही परिवर्तन के वाहक हैं।” वह गणतंत्र दिवस शिविर में भाग लेने के बाद नई दिल्ली से लौटे एनसीसी निदेशालय, जम्मू कश्मीर और लद्दाख के एनसीसी कैडेटों को संबोधित कर रहे थे। लेफ्टिनेंट गवर्नर ने युवाओं के पालन-पोषण, निस्वार्थ सेवा को बढ़ावा देने और एक विकसित समाज और राष्ट्र के निर्माण में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के योगदान की सराहना की।
उन्होंने कहा कि एनसीसी ने युवाओं की कई पीढ़ियों को यह समझ दी है कि राष्ट्रीय हित व्यक्तिगत लाभ से ऊपर है और समाज के कल्याण के लिए मिलकर काम करना ही सच्चा नेतृत्व है। उपराज्यपाल ने कहा, “1948 से एनसीसी ने देश के युवाओं को एक ऐसा मंच प्रदान किया है जहाँ विभिन्न पृष्ठभूमियों के युवा एक साझा उद्देश्य के साथ एकजुट होते हैं। शिविरों, प्रशिक्षणों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामाजिक अभियानों के माध्यम से एनसीसी ने अनुशासन, नेतृत्व, टीम वर्क और सेवा जैसे मूल्यों को लाखों युवाओं के जीवन में उतारा है। एनसीसी ने युवाओं की कई पीढ़ियों को यह समझ दी है कि राष्ट्रीय हित व्यक्तिगत लाभ से ऊपर है, और समाज के कल्याण के लिए मिलकर काम करना ही सच्चा नेतृत्व है।”
उपराज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि जब युवा सुविधा के बजाय कर्तव्य को चुनते हैं और अपने हितों से ऊपर समाज के कल्याण को प्राथमिकता देते हैं तभी एक विकसित समाज और राष्ट्र सही मायने में आकार ले सकता है। उन्होंने कहा, “जब ईमानदारी, कड़ी मेहनत और सेवा की भावना समाज में युवाओं के जीवन का अभिन्न अंग बन जाती है तो विकास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता – यह जीवन मूल्यों से जुड़ जाता है” मैं चाहता हूं कि आप राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव, साझा अनुभवों और समान लक्ष्यों के माध्यम से प्रत्येक जिले के सामाजिक ताने-बाने में सम्मान और विश्वास की भावना पैदा करें। हमेशा याद रखें कि आपसी भाईचारा सहयोग, संवेदनशीलता और सामूहिक जिम्मेदारी से विकसित होता है।” लेफ्टिनेंट गवर्नर ने कहा, सभी एनसीसी कैडेटों को मिलकर ऐसा माहौल बनाना चाहिए जहां एकता का दैनिक अभ्यास किया जाए और विविधता को समाज की ताकत में परिवर्तित किया जाए।विकास केवल मैं तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तव में हम से जुड़ा है। इस सामूहिक भावना को मूर्त रूप देने में भारत में एनसीसी से अधिक योगदान किसी अन्य संगठन का नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि आप राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव साझा करने और समान लक्ष्यों के माध्यम से प्रत्येक जिले के सामाजिक ताने-बाने में सम्मान और विश्वास की भावना पैदा करें। हमेशा याद रखें कि आपसी भाईचारा सहयोग, संवेदनशीलता और सामूहिक जिम्मेदारी से विकसित होता है। सभी एनसीसी कैडेटों को मिलकर ऐसा वातावरण बनाना चाहिए जहां एकता का दैनिक अभ्यास हो और विविधता समाज की शक्ति में परिवर्तित हो।”
उपराज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने के लिए हमें नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी पर आधारित नेतृत्व की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चाहे आईटी हो, उद्योग हो, शिक्षा हो, सशस्त्र बल हों या संस्कृति, सभी क्षेत्रों में जवाबदेही के साथ काम किया जाना चाहिए। उपराज्यपाल ने आज के वैश्विक परिवर्तनों के अनुरूप प्रशिक्षण में ड्रोन तकनीक को शामिल करने के लिए जम्मू कश्मीर लद्दाख एनसीसी निदेशालय की सराहना की। उन्होंने आगे कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि ऐसी पहल न केवल राष्ट्र का भविष्य बनेगी, बल्कि उसकी वर्तमान शक्ति भी बनेगी।”उपराज्यपाल ने दल की सफलता में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए कैडेटों को उत्कृष्टता प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कर्तव्य पाठ और अन्य विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कैडेटों और एनसीसी अधिकारियों की सराहना की।
कैडेटों ने गणतंत्र दिवस शिविर में अपने अनुभव भी साझा किए। जम्मू कश्मीर और लद्दाख एनसीसी निदेशालय के कुल 128 कैडेटों ने इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लिया। बारामूला स्थित 3 जम्मू-कश्मीर बटालियन एनसीसी की एसयूओ अर्पुंदीप कौर को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और सेवा के लिए प्रतिष्ठित रक्षा मंत्री पदक से सम्मानित किया गया जबकि लेफ्टिनेंट रुखसाना कौसर को कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के लिए सेना प्रमुख प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त निदेशालय ने 11 डीजी एनसीसी पदक और प्रशस्ति पत्र प्राप्त किए जो विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता को दर्शाते हैं। बारामूला स्थित 7वीं जम्मू-कश्मीर बटालियन एनसीसी के कैडेट तौहीद अल्ताफ को कर्तव्य पथ पर अखिल भारतीय एनसीसी बॉयज दल का परेड कमांडर नियुक्त किया गया। इसके अलावा 8वीं जम्मू-कश्मीर बटालियन एनसीसी की कैडेट स्मृति कलहुरिया को प्रधानमंत्री की रैली के दौरान भारत के प्रधानमंत्री के पायलट के रूप में सेवा करने का दुर्लभ सम्मान प्राप्त हुआ जो जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के एनसीसी कैडेटों पर रखे गए विश्वास और भरोसे को दर्शाता है।अपनी निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन, तीव्र परिवर्तन और उत्कृष्ट उपलब्धियों को मान्यता देते हुए जम्मू, कश्मीर और लद्दाख एनसीसी निदेशालय को महानिदेशक का ‘सबसे उन्नत निदेशालय’ पुरस्कार प्रदान किया गया और गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर अखिल भारतीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त हुआ। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख निदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल ए. बेवली, वीएसएम, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख एनसीसी निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशिक्षक तथा लोक भवन के अधिकारी भी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह
