रांची, 10 फ़रवरी (हि.स.)। झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन ने मंगलवार को सोसायटी के सभागार में राज्य सूचीबद्धता समिति की बैठक की। इस अवसर पर एचईएम 2.0 पोर्टल के अनुपालन को लेकर कड़े फैसले लिए गए।

मौके पर समिति ने सूचीबद्ध निजी अस्पतालों से जुड़े विभिन्न मामलों पर विचार करते हुए पारदर्शिता और नियमों के सख्त पालन पर जोर दिया। तकनीकी त्रुटि या मानवीय भूल के कारण एचईएम 2.0 पोर्टल पर किए गए विद्ड्रॉल रिक्वेस्ट के मामले में ई-मेल और सिविल सर्जन की अनुशंसा के आधार पर चार अस्पतालों के अनुरोध रद्द किया गया।

इनमें हजारीबाग का न्यू झारखंड नर्सिंग होम, पूर्वी सिंहभूम का टाटा मोटर्स हॉस्पिटल प्लांट और पलामू के नारायण मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल और मय्यन बाबू अस्पताल शामिल हैं।
बैठक में यह पाया गया कि कई अस्पतालों ने अपग्रेडेशन के लिए जरूरी वैधानिक दस्तावेज, विशेष रूप से स्वीकृत बिल्डिंग प्लान और लाइसेंस, पोर्टल पर अपलोड नहीं किए हैं। इस आधार पर तीन अस्पतालों के अपग्रेडेशन पर रोक लगाई गई। समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि आउटसोर्स सेवाओं से जुड़े वैधानिक दस्तावेज और एचईएम 2.0 पर माइग्रेशन अनिवार्य होगा। बिना माइग्रेशन किसी भी डॉक्टर या स्पेशलिस्ट को जोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बैठक में कई अधिकारी पदाधिकारी मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar
