-समस्तीपुर में पूर्णकालिक रूप से शिक्षा सुधार कार्यक्रमों से जुड़ेंगे

पूर्वी चंपारण,02 मार्च (हि.स.)। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के सामाजिक कार्य विभाग के एम.एस.डब्ल्यू. के छात्र उज्ज्वल कुमार का चयन प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था क्षमतालय फाउंडेशन की पूर्णकालिक आई डिस्कवर फेलोशिप के लिए किया गया है। चयन के उपरांत उन्हें समस्तीपुर जिले में कार्य करने की जिम्मेदारी प्रदान की गई है।

उल्लेखनीय है कि उज्ज्वल कुमार शीघ्र ही विश्वविद्यालय से परास्नातक उपाधि प्राप्त कर उत्तीर्ण होने वाले हैं, ऐसे में उनका यह चयन एक महत्वपूर्ण रोजगारोन्मुख उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों का राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाओं में चयन होना विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्कूल ऑफ सोशल साइंस के अधिष्ठाता (डीन) एवं सामाजिक कार्य विभागाध्यक्ष प्रो. सुजीत कुमार चौधरी ने भी इसे विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। सामाजिक कार्य विभाग के प्राध्यापकों डॉ. उपमेश तलवार, डॉ. मृतुंजय कुमार सिंह, डॉ. अनुपम कुमार वर्मा, डॉ. अल्पिका त्रिपाठी, डॉ. अरुण दुबे तथा डॉ. मुस्कान भारती ने उज्ज्वल कुमार को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
क्षमतालय फउंडेशन की स्थापना वर्ष 2016 में उदयपुर जिले के कोटड़ा क्षेत्र से हुई थी। संस्था ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में विद्यालयी शिक्षा सुधार की दिशा में कार्य प्रारंभ किया। इसके पश्चात संस्था ने ‘राज्य शैक्षिक शोध और प्रशिक्षण परिषद’ (एससीईआरटी), दिल्ली सरकार के सहयोग से सरकारी विद्यालयों के लिए Entrepreneurial Mindset Curriculum के विकास एवं क्रियान्वयन में सहभागिता की। वर्तमान समय में संस्था बिहार में भी शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य की शिक्षा व्यवस्था के साथ समन्वय स्थापित कर विभिन्न शैक्षणिक पहलों में सहयोग प्रदान कर रही है।
उज्ज्वल कुमार का पैतृक संबंध समस्तीपुर जिले से है, किंतु विगत लगभग दो दशकों से उनका परिवार मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में निवास कर रहा है। समस्तीपुर में कार्य करने का अवसर मिलने को वे अपनी मातृभूमि से पुनः जुड़कर समाज की सेवा करने का सुनहरा अवसर मानते हैं। प्रारंभ से ही उज्ज्वल कुमार सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहे हैं और समय-समय पर जरूरतमंद लोगों के लिए रक्तदान की व्यवस्था कराने तथा मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने जैसे कार्यों में सक्रिय सहयोग करते रहे हैं। इसके साथ ही उन्हें साहित्य, विशेषकर कविता लेखन और पठन में विशेष रुचि रही है तथा उनकी कई रचनाएँ विश्वविद्यालय के साहित्यिक मंचों, विभिन्न पत्र–पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के छात्र–छात्राओं तथा स्थानीय लोगों ने भी प्रसन्नता व्यक्त की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आनंद कुमार
