लखनऊ, 09 अप्रैल (हि.स.)। लखनऊ स्थित संजय गाधी आयुर्विज्ञान संस्थान के एंडोक्राइन सर्जरी विभाग के प्रोफेसर ज्ञानचंद ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 200 रोबोटिक एंडोक्राइन सर्जरी सफलतापूर्वक पूर्ण की हैं। यह उपलब्धि एसजीपीजीआई के लिए न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस उपलब्धि के अंतर्गत, डॉ. ज्ञानचंद और उनकी टीम ने हाल ही में एक अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण रोबोटिक सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

यह सर्जरी हरदोई निवासी 25 वर्षीय युवक (जूनियर इंजीनियर) पर की गई, जिसे पिछले 18 वर्षों से गर्दन के सामने सूजन की समस्या थी, जो धीरे-धीरे बढ़ रही थी।
मरीज को हाइपोथायरॉइडिज्म था और वह नियमित रूप से दवा ले रहा था। जांच के दौरान थायरॉयड ग्रंथि का व्यापक बढ़ाव पाया गया, जिसकी निचली सीमा स्पर्श से महसूस नहीं हो रही थी, जिससे रेट्रोस्टर्नल विस्तार की संभावना थी। अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन में बड़ा मल्टीनोड्यूलर गॉइटर, रेट्रोस्टर्नल विस्तार तथा लिम्फोसाइटिक थायरॉयडाइटिस की पुष्टि हुई। ग्लैंड का बड़ा आकार, रेट्रोस्टर्नल विस्तार और थायरॉयडाइटिस जैसी स्थिति में रोबोटिक सर्जरी के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य था। पूर्ण प्रीऑपरेटिव मूल्यांकन के बाद मरीज का रोबोटिक टोटल थायरॉयडेक्टॉमी द्वारा ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर रही। उसकी आवाज सामान्य रही और कैल्शियम स्तर भी सामान्य पाया गया। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर आर के धीमन ने डाक्टर ज्ञान चंद और उनकी टीम को बधाई दी है।
इस अवसर पर डा. ज्ञानचंद ने बताया कि यह केस दर्शाता है कि अनुभवी सर्जन के हाथों में रोबोटिक सर्जरी पारंपरिक सीमाओं को भी सफलतापूर्वक पार कर सकती है।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन
