धर्मशाला, 21 फ़रवरी (हि.स.)। कांगड़ा ज़िला के ऐतिहासिक स्कूलों को मर्ज करने पर हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा प्रहार किया है। यहां जारी एक प्रेस बयान में विश्वचक्षु ने कहा कि जो स्कूल अंग्रेजों के जमाने से चल रहे हैं और इतिहास में उनका नाम दर्ज है, सुक्खू सरकार अब उनका नामोनिशां मिटाने चली है। धर्मशाला स्थित ब्वॉयज स्कूल 1926 से चल रहा है और इसी वर्ष अपनी 100वीं वर्षगांठ मना रहा है लेकिन सरकार उसका वजूद मिटाने पर आमादा है। सौ वर्ष पुराने ब्वॉयज स्कूल धर्मशाला ने प्रदेश को कई प्रतिभाएं दी हैं। यह स्कूल कई आईएएस, एचएएस, आर्मी आफिसर, न्यायाधीश सहित कई नामी हस्तियां दे चुका है।

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि यह स्कूल पंजाब के टॉप-3 स्कूलों में से एक है। जब हिमाचल पंजाब का हिस्सा हुआ करता था, उस वक्त से यहां एनसीसी विंग की शुरूआत हुई है। इस स्कूल का इतिहास बेजोड़ है, यहां उस वक्त व्यवसायिक शिक्षा शुरू हुई थी, जब लोगों पता भी नहीं था कि वोकेशनल एजुकेशन क्या होती है। ऐसे स्कूल को सरकार मर्ज कर रही है, जो हरगिज बर्दाश्त नहीं होगा। व्यवस्था परिवर्तन का जुमला लेकर सत्ता में बैठी सुक्खू सरकार अब शिक्षा और उससे जुड़ी ऐतिहासिक चीजों का पतन कर रही है।

विश्व चक्षु ने कहा कि वह खुद इस स्कूल के छात्र रह चुके हैं और यहीं से उन्होंने 11वीं-12वीं की शिक्षा ग्रहण की है। बेहतर होता कि सरकार शिक्षा में सुधार की तरफ कदम बढ़ाती, लेकिन सुधार नाम की कोई भी चीज़ मुख्यमंत्री के पास नहीं है। ऐतिहासिक चीजों से छेड़ना, उनका वजूद मिटाना और हिमाचल को पतन की ओर धकेलना ही सरकार का व्यवस्था परिवर्तन है, जो अब ज्यादा दिन चलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यही फैसले मुख्यमंत्री और जनता के बीच फासले बढ़ाएंगे और सरकार को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया
