नई दिल्ली, 12 मार्च (हि.स.)। महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले की ऐतिहासिक धरोहरों के विकास के लिए आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की। गुरुवार को संसद भवन में हुई मुलाकात के दौरान आयुष मंत्री और बुलढाणा के सांसद प्रतापराव जाधव ने सिंदखेड राजा और लोनार झील के विकास पर चर्चा की और वहां आने का निमंत्रण दिया।

जाधव ने एक्स पोस्ट में बताया कि गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बुलढाना आने पर सहमति जताई और वहां पर्यटन मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की एक संयुक्त बैठक करने की भी बात की। इस बैठक में भक्तों की आस्था को ध्यान में रखते हुए लोनार में धारतीर्थ पर नहाने की सुविधाएं फिर से शुरु करने, लोनार झील संरक्षण के लिए वहां बढ़ते पानी के स्तर को रोकने के पक्के इंतज़ाम, झील के 100 मीटर के अंदर स्थानीय नागरिकों को घर बनाने के नियमों में ढील देने जैसे विषयों को शामिल किया जाएगा। इसके साथ पिटाली बाराव के लिए ज़मीन देने वाले किसानों को मुआवज़ा देने की प्रक्रिया में तेज़ी लाने के साथ सिंदखेड़ राजा में खुदाई के दौरान मिली भगवान विष्णु की पुरानी मूर्ति के लिए एक बड़ा मंदिर बनाने की भी मांग की गई है। जाधव ने कहा कि बुलढाणा ज़िले की ऐतिहासिक जगहों को दुनिया के नक्शे पर एक नई पहचान देने के लिए सरकार की सहायता आवश्यक है।
लोनार झील बुलढाणा जिले में स्थित है जिसका निर्माण उल्कापिंड के गिरने से हुआ था। यह बेसाल्ट चट्टान में स्थित एकमात्र प्रमुख जलाशय है जिसका पानी खारा है। लोनार झील के संरक्षण और संवर्धन के लिए इसे वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया है। यहां लगभग 1250 वर्ष पुराने मंदिर हैं, जिनमें से 15 मंदिर जीर्ण अवस्था में हैं। झील का निर्माण लगभग 52,000 वर्ष पूर्व का माना जाता है। हालांकि 2010 में प्रकाशित एक शोध पत्र में झील की आयु 570,000 वर्ष बतायी गयी है। स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूशन, अमेरिका में यूनाइटेड स्टेट्स ज्योग्राफिक सर्वे और भारतीय भूवैज्ञानिक सोसायटी, भारत में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला जैसे संगठनों ने इस झील पर व्यापक शोध किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी
