भुवनेश्वर, 13 मार्च (हि.स.)। ओडिशा के प्राथमिक विद्यालयों में कुल 1,763 कक्ष जर्जर स्थिति में हैं। यह जानकारी स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने राज्य विधानसभा में दी।

मंत्री ने यह जानकारी विधायक सौभिक विश्वाल द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। बिस्वाल ने राज्य के विभिन्न जिलों और ब्लॉकों में प्राथमिक विद्यालय भवनों में जर्जर या असुरक्षित कक्षों की संख्या के बारे में जानकारी मांगी थी।
मंत्री के अनुसार कई जिलों में जर्जर कक्षों की संख्या काफी अधिक है। संबलपुर जिले में सबसे अधिक 175 कक्ष जर्जर हालत में हैं। इसके बाद मयुरभंज जिले में 122 और सोनपुर जिले में 107 कक्ष जर्जर पाए गए हैं। इसके अलावा कटक जिले में 104, कलाहांडी जिले में 101, गंजाम जिले में 100, बालेश्वर जिले में 95, केन्दुझर जिले में 94 और जिले में 90 कक्ष जर्जर स्थिति में हैं।
मंत्री ने सदन में जिला-वार विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि इन विद्यालयों के बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में इन स्कूलों के पुनर्निर्माण, मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी शहरी विकास विभाग को दी गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह जिम्मेदारी पंचायतीराज व पेयजल विभाग को सौंपी गई है।
मंत्री ने कहा कि छात्रों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सरकार इस समस्या के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो
