गुवाहाटी, 07 फरवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की असम प्रदेश इकाई ने श्रीमंत शंकरदेव की पवित्र जन्मभूमि बटद्रवा की यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों द्वारा अपमानित किए जाने के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई द्वारा भाजपा के खिलाफ की गई हालिया टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है। गोगोई, जिन्होंने तथाकथित ग्रेटर असम को प्रोजेक्ट करते हुए राज्यव्यापी अभियान शुरू किया है, एक बड़ी प्रचार गाड़ी और कुछ चुने हुए कांग्रेस समर्थकों के साथ बटद्रवा थान पहुंचे, लेकिन उन्हें जनता के विरोध का सामना करना पड़ा।

भाजपा प्रवक्ता ब्रोजेन महंत ने शनिवार काे जारी एक बयान में कहा कि यह बेहद निंदनीय है कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के ऐतिहासिक योगदान को स्वीकार करने के बजाय अपमानजनक टिप्पणियां करना चुना, जिनके नेतृत्व में अवैध बांग्लादेशी मुसलमानों द्वारा कब्जा की गई 160 बीघा जमीन खाली कराई गई और बटद्रवा में श्रीमंत शंकरदेव आविर्भाव क्षेत्र का निर्माण 220 करोड़ की लागत से किया गया।
ब्रोजेन महंत ने कहा कि एक नेता जिसे असमिया संस्कृति की बुनियादी समझ भी नहीं है, जिसे असमिया भाषा का सही उच्चारण करने में दिक्कत होती है, और जो अपने पिता का हाथ पकड़कर संसद में पहुंचा और तुच्छ राजनीतिक नाटकबाजी में लगा रहा, वह चुनाव नजदीक आने पर अचानक एकता, शांति और प्रगति के बारे में बोलने लगता है।
उन्होंने आगे कहा कि असम के युवाओं को साहित्य और संस्कृति पर उपदेश देने के बजाय, गौरव गोगोई को पहले अपने परिवार पर विचार करना चाहिए, जहां तीन सदस्यों ने विदेशी नागरिकता अपना ली है और अपने बच्चों को विदेशी संस्कृतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। असम के लोग यह नहीं भूले हैं कि दिवंगत तत्कालीन मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने अपने भाई दीप गोगोई और बेटे गौरव गोगोई को राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाने के लिए कई कांग्रेस स्वतंत्रता सेनानियों की अनदेखी की। मुख्यमंत्री की कुर्सी का सपना देखने से पहले गौरव गोगोई को असम का इतिहास पढ़ने की उन्होंने सलाह दी।
महंत ने याद दिलाया कि जहां चाओलुंग सुकाफा ने विभिन्न समुदायों को मिलाकर एक ग्रेटर असम बनाया था, वहीं कांग्रेस ने व्यवस्थित रूप से राज्य को खंडित किया, ऐतिहासिक मूल समुदायों को हाशिये पर धकेल दिया और असम को कई राज्यों में बांट दिया।
जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी तक, असम को सात अलग-अलग राज्यों में बांट दिया। अल्पसंख्यक वोट-बैंक की राजनीति से प्रेरित होकर, कांग्रेस ने बिना रोक-टोक घुसपैठ को बढ़ावा दिया। असम के लोग पार्टी की 50 साल की मियां तुष्टीकरण की नीति को नहीं भूले हैं। आज, असम के मूल निवासी यह सुनिश्चित करने के लिए सतर्क हैं कि अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए फिर कभी राज्य पर हावी न हों या मूल निवासियों के अधिकारों को कमजोर न करें। डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के मजबूत नेतृत्व में, असम की नई पीढ़ी को उम्मीद की एक साफ किरण दिख रही है।
असम भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी आभार व्यक्त किया कि उन्होंने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के दौरान प्रतिभागियों को असमिया गामोछा देकर सम्मानित किया, असमिया महिलाओं की मेहनती भावना की तारीफ की और पूरे भारत के छात्रों के सामने गामोछा बुनाई के सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व की सराहना की।——————–
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय
