-1950 की ऐतिहासिक इमारत का हो रहा कायाकल्प, टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद धरातल पर उतरा काम-आईटीआई पांडुनगर की 76 साल पुरानी जर्जर बिल्डिंग पर खर्च किए जा रहे 3.40 करोड़

कानपुर, 25 फरवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘मिशन कौशल’ के तहत कानपुर के ऐतिहासिक राजकीय आईटीआई पांडुनगर की तस्वीर बदलने वाली है। वर्ष 1950 में बनी इस संस्थान की पुरानी और जर्जर बिल्डिंग का तीन करोड़ चालीस लाख रुपये की लागत से कायाकल्प शुरू हो गया है। लक्ष्य है छात्रों को महज किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि एक विश्वस्तरीय और आधुनिक वातावरण में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।

आईटीआई पांडुनगर के कायाकल्प का खाका केवल रंग-रोगन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे अंदरूनी रूप से पूरी तरह ‘अपग्रेड’ किया जा रहा है। संस्थान की पहचान बन चुके पुराने कमरों को अब स्मार्ट और डिजिटल क्लासरूम की शक्ल दी जा रही है, जिससे छात्र पारंपरिक पढ़ाई के बजाय आधुनिक तकनीक से रूबरू होंगे। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए समूचे स्टाफ रूम और क्लासरूम परिसर में दशकों पुरानी बिजली लाइनों को उखाड़कर अत्याधुनिक अंडरग्राउंड वायरिंग बिछाई जा रही है, जिससे शॉर्ट सर्किट का खतरा खत्म होगा।
इतना ही नहीं, टिकाऊ फ्लोरिंग तैयार की जा रही है, जो भारी मशीनों और प्रैक्टिकल कार्यों के अनुकूल होगी। शासन से बजट की पहली किस्त मिलते ही विभाग ने रिकॉर्ड समय में टेंडर प्रक्रिया पूरी की और अब कैंपस में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
बता दें कि आईटीआई पांडुनगर की मुख्य बिल्डिंग का निर्माण वर्ष 1950 में हुआ था। लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण छतें और दीवारें जर्जर हो चुकी थीं। अब योगी सरकार के निर्देश पर इस पूरी बिल्डिंग का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है।
इस कायाकल्प का मुख्य उद्देश्य छात्रों को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के बीच अच्छा माहौल प्रदान करना है। आधुनिक लैब और हाईटेक क्लासरूम होने से छात्र अब तकनीक के साथ कदम से कदम मिला सकेंगे। इस कायाकल्प का सीधा फायदा यहाँ प्रशिक्षण ले रहे हजारों युवाओं को मिलेगा।
प्रधानाचार्य हरीश मिश्रा ने बुधवार को कहा कि आईटीआई पांडुनगर को आधुनिक बनाना हमारी प्राथमिकता है। तीन करोड़ चालीस लाख रुपये के बजट से जर्जर बिल्डिंग की मरम्मत, नई वायरिंग और क्लासरूम की दीवारों-फर्श को बेहतर बनाने का काम शुरू हो गया है। टेंडर के बाद अब काम तेजी से धरातल पर दिख रहा है। जल्द ही छात्र एक नए और हाईटेक कैंपस में शिक्षा ग्रहण करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
