इस्तांबुल/कुवैत, 19 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया में करीब तीन हफ्ताें से जारी युद्ध के बीच गुरुवार सुबह कुवैत की दो तेल रिफाइनरीज मीना अल-अहमदी रिफाइनरी और मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी पर ईरान ने ड्रोन हमले किए, जिससे आग लग गई। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि स्थिति पर जल्द काबू पा लिया गया और किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

तुर्किए की आधिकारिक संवाद समिति अनाडाेलू एजेंसी (एए), कुवैत के प्रमुख समाचार पत्र कुवैत टाइम्स तथा अन्य मीडिया रिपाेर्टस के अनुसार, कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने गुरुवार को बताया कि देश की दो प्रमुख तेल रिफाइनरियों पर ईरान द्वारा ड्रोन हमले किए गए, जिससे कुछ स्थानों पर आग लग गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इनमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के अनुसार एक ड्रोन ने मीना अल-अहमदी रिफाइनरी की एक ऑपरेशनल यूनिट को निशाना बनाया, जबकि दूसरे हमले में मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी को टारगेट किया गया। दोनों ही रिफाइनरियों का संचालन कुवैत नेशनल पेट्रोलियम कंपनी (केएनपीसी) करती है।
हमलों के बाद रिफाइनरियों में आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए तुरंत इमरजेंसी और रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को तैनात किया गया। कुवैत न्यूज एजेंसी (कुना) के मुताबिक छह फायर फाइटिंग टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया।
केएनपीसी ने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सुविधाओं को सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
यह घटनाएं ऐसे समय में हुई हैं जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल के दिनों में कुवैत ने कई मिसाइल और ड्रोन हमलों को बीच में ही रोकने का दावा किया है। ईरान ने कहा है कि वह उन ठिकानों को निशाना बना रहा है, जिन्हें वह अमेरिका से जुड़े सैन्य हित मानता है।————-
हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी
