भराड़ीसैंण, 09 मार्च (हि.स.)। आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में आगे बढ़ रही राज्य सरकार ने कृषि, उद्योग और पर्यटन को विकास के तीन प्रमुख ‘ग्रोथ डाइवर्स’ के रूप में चिन्हित किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि इन तीन क्षेत्रों को समानांतर रूप से सशक्त कर राज्य में उत्पादकता बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और सम्मानजनक आजीविका के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन तीन ‘ग्रोथ डाइवर्स’ के माध्यम से राज्य में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सरकार की रणनीति है कि कृषि, उद्योग और पर्यटन को एक साथ आगे बढ़ाकर आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव रखी जाए।
सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों में केंद्रित निवेश से राज्य की आर्थिकी को नई गति मिलेगी और आत्मनिर्भरता की यात्रा को मजबूती मिलेगी।
कृषि व बागवानी को सुदृढ़ करने के लिए कई योजनाओं में प्रावधान किए गए हैं।
-उद्यान बीमा योजना – 40 करोड़
-मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना – 20 करोड़
-कीवी व ड्रैगन फ्रूट प्रोत्साहन –30.70 करोड़
-मिशन एप्पल – 42 करोड़
फसलों की सुरक्षा (घेरबाड़) – ₹20 करोड़
चाय विकास योजना –25.93 करोड़
सगंध पौधा विकास – 24.75 करोड़
महक क्रांति –10 करोड़
उद्योग क्षेत्र:
-सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया है।एमएसएमई सहायता योजना –75 करोड़
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना –60 करोड़
मेगा इंडस्ट्रियल एवं मेगा टेक्सटाइल नीति अनुदान – 25 करोड़
निवेश, स्टार्टअप और उद्यमिता प्रोत्साहन – 30 करोड़
स्टार्टअप वेंचर फंड –25 करोड़
पर्यटन क्षेत्र
पर्यटन को रोजगार:
-पर्यटन विभाग (राजस्व मद) – 210.59 करोड़
-पर्यटन विभाग (पूंजीगत मद) – 296.45 करोड़
-वैश्विक पर्यटक स्थलों का विकास – 10 करोड़
-इको-टूरिज्म गतिविधियां – 18.50 करोड़
योग दिवस आयोजन – 2 करोड़
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय
