वाराणसी,01 फरवरी (हि.स.)। केन्द्रीय बजट को प्रदेश के आयुष मंत्री डॉ दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी बताया है। रविवार शाम प्रतिक्रिया देते हुए आयुष मंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीता रमण द्वारा प्रस्तुत किया गया वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट मैन्युफैक्चरिंग से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक, स्वास्थ्य से लेकर पर्यटन तक, ग्रामीण अर्थव्यवस्था से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तक, रेल और जलमार्ग से लेकर खेल और तीर्थाटन तक हर क्षेत्र में देश को नए अवसर, नई ऊर्जा और नई दिशा देने वाला है।

उन्होंने कहा कि 07 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में से वाराणसी-दिल्ली और वाराणसी–सिलीगुड़ी जैसे दो महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर उत्तर प्रदेश को मिलना प्रदेश की कनेक्टिविटी, व्यापार, पर्यटन और निवेश को ऐतिहासिक मजबूती देगा, जिससे पूर्वांचल और पूरे उत्तर भारत के विकास को नई दिशा मिलेगी। साथ ही केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार द्वारा आयुष सेक्टर को सशक्त बनाने हेतु पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब की स्थापना, तीन नए आयुर्वेद संस्थानों की घोषणा तथा आयुष फार्मेसियों और लैब्स के अपग्रेडेशन जैसे प्रावधान भारत की पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणाली को आधुनिक शोध, वैश्विक मान्यता और रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। आयुष मंत्री ने विकासोन्मुखी बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का समस्त देशवासियों की ओर से आभार जताया।
—सीए ने कहा एकमुश्त समाधान योजना स्वागत योग्य कदम
केन्द्रीय बजट को वरिष्ठ कर सलाहकार व सीए दीपक मित्तल ने भी सराहा है। उन्होंने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस वर्ष के बजट में कर की दरों में कोई परिवर्तन नहीं करते हुए कर ढांचे में कई तरह के प्रक्रियात्मक सुधार जैसे टीडीएस /टीसीएस की दरों में कमीं, विवरणी का सरलीकरण, पेनाल्टी की जगह शुल्क लगाये जाने जैसे परिवर्तन किए गए हैं जिससे करदाताओं को अनुपालन में सुगमता होगी। जीएसटी तथा आयकर की दरों में कोई परिवर्तन नहीं है। अघोषित विदेशी सम्पत्ति के लिए एकमुश्त समाधान योजना स्वागत योग्य कदम है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी
