कोलकाता, 01 अप्रैल (हि.स.)। कोलकाता में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के बाहर बुधवार दोपहर एक बार फिर तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। एसयूसीआई के कार्यकर्ता और समर्थकों ने सीईओ दफ्तर के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इसी दौरान जब सीईओ मनोज अग्रवाल कार्यालय में प्रवेश कर रहे थे, तब वहां मौजूद तृणमूल समर्थक बीएलओ कर्मियों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

इस घटनाक्रम के चलते स्ट्रैंड रोड पर भारी जाम लग गया और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। बाबूघाट से हावड़ा जाने वाली बसें रास्ते में ही रुक गईं, जिससे कई यात्रियों को पैदल ही अपने गंतव्य तक जाना पड़ा।
दरअसल, मंगलवार दोपहर को भी स्थिति अचानक बिगड़ गई थी। तृणमूल समर्थक कुछ बीएलओ कर्मी नए सीईओ कार्यालय के सामने इकट्ठा हुए थे। उनका आरोप था कि कुछ लोग बैग भरकर फॉर्म-6 (जिसके जरिए मतदाता सूची में नया नाम जोड़ा जाता है) जमा करने आए हैं। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इसी बीच वहां भाजपा कार्यकर्ता भी पहुंच गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नारेबाजी शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। दोनों पक्षों के बीच बैरिकेडिंग की गई और केंद्रीय बलों की भी मदद ली गई।
समय बीतने के साथ तनाव बढ़ता गया और देर रात तक इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। हालांकि बुधवार सुबह हालात कुछ सामान्य दिखे, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ा, तृणमूल समर्थक बीएलओ और एसयूसीआई कार्यकर्ता फिर से जुटने लगे और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय
