अररिया 07 फरवरी(हि.स.)।कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। फारबिसगंज के 108 योग्य स्नातकधारियों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए ऑफलाइन आवेदन देने के बावजूद उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं किया गया,जिससे क्षेत्र के शिक्षित मतदाताओं में भारी आक्रोश है।

मामले को लेकर फारबिसगंज निवासी शाद अहमद ने भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच एवं दोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

आवेदन में उल्लेख किया गया है कि कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता बनने हेतु नगर परिषद कार्यालय में दिनांक 1 दिसंबर 2025 से 10 दिसंबर 2025 के बीच कुल 108 स्नातकधारियों ने प्रपत्र-18 में ऑफलाइन आवेदन जमा किया था। आवेदन संग्रहण के लिए नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को एईआरओ नामित किया गया था।इसके बावजूद 30 दिसंबर को प्रकाशित मतदाता सूची में एक भी ऑफलाइन आवेदक का नाम शामिल नहीं पाया गया।
मामले को लेकर 13 जनवरी को फारबिसगंज अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से पूर्णिया प्रमंडलीय आयुक्त सह निर्वाची पदाधिकारी को हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन सौंपा गया, जिसकी प्राप्ति रसीद भी मौजूद है। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
इसी प्रकार फारबिसगंज प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में भी स्नातकधारी शिक्षकों द्वारा ऑफलाइन आवेदन जमा किए गए थे, लेकिन उनका नाम भी मतदाता सूची से गायब है।
चौंकाने वाली बात यह है कि केवल ऑनलाइन आवेदन करने वाले योग्य स्नातकधारियों का ही नाम मतदाता सूची में दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यह समस्या केवल फारबिसगंज तक सीमित नहीं है, बल्कि कई अन्य प्रखंडों से भी इसी तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे यह मामला व्यापक लापरवाही या सुनियोजित गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।
आवेदन में मुख्य चुनाव आयुक्त से मांग की गई है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन आवेदकों ने अंतिम तिथि से पूर्व निर्धारित पदाधिकारियों के पास आवेदन जमा किया है, उनका नाम अविलंब मतदाता सूची में जोड़ा जाए।
मामले ने कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पारदर्शिता और प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर
