खड़गपुर, 10 फरवरी (हि. स.)। पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा खड़गपुर में तृणमूल कांग्रेस शासित नगर पालिका बोर्ड को भंग करने संबंधी जारी अधिसूचना को कोलकाता हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।

अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि पहले से निर्वाचित नगर पालिका बोर्ड ही आगे अपने कार्य संचालित करेगा।

गौरतलब है कि नगर पालिका द्वारा समुचित सेवाएं उपलब्ध न करा पाने के आरोप में राज्य के नगर विकास एवं शहरी विकास विभाग ने 22 जनवरी 2026 को खड़गपुर नगरपालिका के बोर्ड को भंग कर दिया था। इसके बाद खड़गपुर के अनुमंडल पदाधिकारी सुरभि सिंगला को प्रशासक नियुक्त किया गया था।
राज्य सरकार के इस निर्णय को चुनौती देते हुए 35 सदस्यीय खड़गपुर नगर पालिका के छह पक्षी पार्षद कोलकाता हाईकोर्ट पहुंचे थे। इनमें चार कांग्रेस पार्षद, एक भाजपा और एक माकपा पार्षद शामिल थे।
सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राजा बसु चौधरी की एकल पीठ ने राज्य सरकार की उक्त अधिसूचना को पूरी तरह निरस्त कर दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि नगर पालिका बोर्ड पूर्व की भांति तत्काल प्रभाव से कार्य करेगा।
सोमवार रात खड़गपुर नगरपालिका में विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस पार्षद ने फोन पर बताया कि हमने राज्य सरकार की अधिसूचना को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था। हमारे अधिवक्ता बिल्वदल भट्टाचार्य ने मामले की पैरवी की। न्यायमूर्ति राजा बसु चौधरी की पीठ ने अधिसूचना को पूरी तरह रद्द करते हुए बोर्ड को पहले की तरह काम करने का निर्देश दिया है।
इस फैसले को खड़गपुर की नगर राजनीति में एक अहम मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
