खूंटी, 26 जनवरी (हि.स.)। गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की ओर से उप कारागार में जेल अदालत एवं विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कारागार में निरुद्ध बंदियों को उनके विधिक अधिकारों, कर्तव्यों तथा जेल अदालत के महत्व के प्रति जागरूक करना था।

इस दौरान बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, विधिक प्रतिनिधित्व के अधिकार सहित न्याय तक सुलभ पहुंच के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी गई। जेल अदालत को न्याय प्राप्ति के प्रभावी मंच के रूप में विस्तार से समझाया गया, ताकि बंदी अपने मामलों के त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया से परिचित हो सकें।
वहीं पर सदर अस्पताल के सहयोग से एक चिकित्सा शिविर भी लगाया गया, जिसमें बंदियों की रक्तचाप, रक्त शर्करा एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्य जांच की गई।
कार्यक्रम में विद्यावती कुमारी (अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी), अमित आकाश सिन्हा (न्यायिक दंडाधिकारी), संजय कुजूर (चिकित्सा पदाधिकारी), कमलेश बेहरा (सचिव, डीएलएसए), विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता (एलएडीसी) एवं पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) उपस्थित रहे।
जेल अदालत में निस्तारण के लिए कोई उपयुक्त मामला नहीं पाया गया, फिर भी बंदियों को जेल अदालत की भूमिका और विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। डीएलएसए ने बंदियों के हित में इस प्रकार के विधिक जागरूकता एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मिश्रा
