पौड़ी गढ़वाल, 28 फ़रवरी (हि.स.)। गढ़वाल वन प्रभाग की पौड़ी नागदेव रेंज के विभिन्न गांवों में गुलदार के हमलों से आक्रोशित ग्रामीणों का धरना शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा।

आक्रोशित ग्रामीणों ने डीएम कार्यालय के बाहर हेमवती नंदन बहुगुणा मूर्ति स्थल पर धरना दिया। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीण डीएम कार्यालय के गेट पर धरने में बैठ गए। यहां पर काफी देर वार्ता के बाद आक्रोशित ग्रामीण डीएम से मिलने की मांग पर अड़ गए लेकिन डीएम के नहीं आने पर ग्रामीणों ने जमकर नाराजगी जताई।

काफी देर बाद आक्रोशित ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल से डीएम की वार्ता हुई। जिसके बाद ग्रामीणों ने धरना स्थगित किया। शनिवार को गुलदार की दहशत से निजात दिलाने के लिए धरना देते हुए ग्रामीणों ने कहा कि गुलदार की दहशत से निजात दिलाने के लिए वन विभाग गंभीर नहीं है। आरोप लगाया कि विभाग के अफसर फोन उठाने को तैयार नहीं है। कहा कि बीते दिनों हुई घटना के बाद वन विभाग ने कुछ दिनों के लिए चारा पत्ती, एस्काट की व्यवस्था की लेकिन एक बार फिर यहां ग्रामीण गुलदार की दहशत में जीने को मजबूर है। कहा कि बीते दिनों डोभा की घटना के बाद सिर्फ एक ही पिंजरा विभाग द्वारा लगाया गया है।
प्रभावित क्षेत्रों में अभी तक सोलर लाइटे नहीं लग पाई है। गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में झाटी कटान का कार्य भी नहीं हुआ है। जिससे क्षेत्र में लगातार गुलदार की चहलकदमी देखी जा रही है। छात्रों के लिए एस्काट की व्यवस्था भी हटा दी गई है। जिससे बोर्ड परीक्षार्थियों के साथ ही अन्य छात्र-छात्राएं दहशत में स्कूल जाने को मजबूर है। ग्राम प्रधान चवथा शंकर नौटियाल ने कहा कि जल्द समस्याओं का हल नहीं होने पर वे आमरण अनशन को मजबूर होंगे।
डीएम स्वाति एस भदौरिया ने वन विभाग के अफसरों को ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। डीएफओ महातिम यादव ने कहा कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाने के साथ ही पिंजरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इस मौके पर विनोद दनोशी, कमल रावत, भाष्कर बहुगुणा, आस्कर रावत आदि शामिल रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह
