गुवाहाटी, 08 फरवरी (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ गोगोई पर कथित पाकिस्तान लिंक को लेकर दिए गए बयानों से उठे नए राजनीतिक तूफान के बीच, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया है। इसके साथ ही भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को सिर्फ बयान देने के बजाय कार्रवाई करने की चुनौती दी है।

एआईयूडीएफ के महासचिव और विधायक रफीकुल इस्लाम ने रविवार को मीडिया से कहा कि अगर पाकिस्तान से संबंधों का कोई ठोस सबूत है, तो अधिकारियों को कानून के अनुसार सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री के दावों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए, रफीकुल इस्लाम ने इन आरोपों के समय और इरादे पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि अगर गौरव गोगोई और एलिजाबेथ गोगोई के पाकिस्तान से कोई संबंध हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। सरकार दो साल से इंतज़ार क्यों कर रही है? उन्होंने कहा कि ऐसे गंभीर आरोपों को सिर्फ राजनीतिक भाषणों तक सीमित नहीं रखा जा सकता।
एआईयूडीएफ नेता ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ सार्वजनिक मंच साझा करते रहते हैं, जिससे पता चलता है कि इस मुद्दे में संस्थागत गंभीरता की कमी है। इस्लाम ने टिप्पणी की कि गृह मंत्री और प्रधानमंत्री उनके भाषण सुनते रहते हैं। यह राजनीतिक बयानबाजी से ज़्यादा कुछ नहीं लगता।——————
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय
