बरेली, 26 फरवरी (हि.स.) । बारादरी क्षेत्र के ईसाइयों की पुलिया पर दिनदहाड़े हुई गौरव गोस्वामी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। करीब पांच माह तक चली जांच के बाद कुख्यात गिरोह के आठ आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया है। पुलिस ने गिरोह को डी-275/25 के रूप में पंजीकृत कर संगठित अपराध के तहत शिकंजा कस दिया है।

11 सितंबर 2025 को भीड़भाड़ वाले इलाके में ताबड़तोड़ फायरिंग से दहशत फैल गई थी। गोली लगने से गौरव गोस्वामी की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद दुकानों के शटर गिर गए थे और इलाके में अफरातफरी मच गई थी। शुरुआती जांच में इसे आपसी रंजिश माना गया, लेकिन पुलिस पड़ताल में यह सुनियोजित साजिश निकली।

जांच में खुर्रम गौटिया निवासी निशांत सोनकर उर्फ बिहारीलाल को गिरोह का सरगना बताया गया है। पुलिस के अनुसार उसी के इशारे पर वारदात को अंजाम दिया गया। गिरोह में चंदन मौर्य, अभय यादव, राजा उर्फ कपिल, समीर, शेखर, नैतिक सोनकर और अनस उर्फ मुलायम शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ पहले से मारपीट, धमकी और अवैध असलहा समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। गौरव हत्याकांड को गिरोह का अब तक का सबसे बड़ा अपराध माना जा रहा है।
गैंगस्टर एक्ट लगने के साथ ही पुलिस ने आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। जमीन, मकान, वाहन और बैंक खातों की जांच की जा रही है। अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति मिलने पर कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि शहर में संगठित अपराध किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / देश दीपक गंगवार
