धमतरी, 07 फ़रवरी (हि.स.)।आगामी ग्रीष्मकाल में शहरवासियों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के

उद्देश्य से शनिवार को नगर निगम महापौर कक्ष में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक
आयोजित की गई। बैठक में महापौर की उपस्थिति में जल विभाग के प्रभारी
अधिकारियों, निगम इंजीनियरों और कर्मचारियों के साथ पेयजल व्यवस्था को और
अधिक सुदृढ़ करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया
कि शहर के 40 वार्डों में वर्तमान में सार्वजनिक टेपनल कनेक्शन लगे हुए
हैं। इनमें से कई टेपनल टोटीविहीन हैं, जिससे जल अपव्यय की स्थिति बनती है।
इस पर निर्णय लिया गया कि सभी टोटीविहीन टेपनलों में शीघ्र टोटी लगाई
जाएगी ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके। इसके साथ ही जिन स्थानों पर
सार्वजनिक टेपनल का नियमित उपयोग नहीं हो रहा है, उन्हें बंद करने का भी
निर्णय लिया गया। ग्रीष्मकाल के दौरान टैंकरों की भूमिका को ध्यान में रखते
हुए टैंकरों की मरम्मत एवं रखरखाव पर भी गंभीर चर्चा हुई।
अधिकारियों ने
बताया कि वर्तमान टैंकरों को दुरुस्त करने के साथ-साथ आपात स्थिति से
निपटने के लिए अतिरिक्त टैंकरों की व्यवस्था की जाएगी, जिससे किसी भी वार्ड
में जल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो। बैठक में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को
लेकर भी महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया। चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि
कई बार सिंचाई विभाग द्वारा अचानक पानी की सप्लाई बंद कर दी जाती है, जिससे
शहर की पेयजल व्यवस्था प्रभावित होती है। इस पर स्पष्ट रूप से कहा गया कि
भविष्य में पानी की सप्लाई बंद करने से पूर्व नगर निगम को पूर्व सूचना दी
जाए, ताकि वैकल्पिक व्यवस्था कर वार्डों में जलापूर्ति सुचारू रखी जा सके।
महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गर्मी के मौसम में आम नागरिकों
को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय
रहते पूरी कर ली जाएं और नियमित निगरानी की जाए।
बैठक में प्रमुख
रूप से महापौर रामू रोहरा, नगर निगम के प्रभारी आयुक्त, उपायुक्त सार्वा,
जल विभाग प्रभारी अखिलेश सोनकर, निगम इंजीनियर महेंद्र जगत सहित नगर निगम
के समस्त इंजीनियर, जल विभाग के बाबू एवं सुपरवाइजर उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा
