-बजट सत्र के चौथे दिन सदन में गूंजा गैस की किल्लत का मामला

भराड़ीसैंण, 12 मार्च (हि.स.)। प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण विधानसभा में चल रहे बजट सत्र 2026 के चौथे दिन गुरुवार को घरेलू गैस सिलेंडरों की किल्लत और कालाबाजारी का मुद्दा उठा। विपक्ष ने सरकार से रसाेई गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की।
सदन में कांग्रेस नेता व प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने नियम 58 के तहत मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रदेश में 359 गैस एजेंसियां संचालित हो रही हैं, जहां करीब 29 लाख घरेलू और लगभग 55 हजार व्यावसायिक गैस कनेक्शन हैं। उन्होंने बताया कि केवल देहरादून में ही लगभग 70 हजार घरेलू और 19 हजार व्यावसायिक कनेक्शन हैं। आज उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर ऑनलाइन बुकिंग बंद हो गई है और गोदामों पर लंबी कतारें लग रही हैं। उपभोक्ताओं को बुकिंग के 25 दिन बाद सिलेंडर मिल रहे हैं। व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति भी प्रभावित होने से होटल, ढाबों और हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि ईरान और इज़राइल के बीच युद्ध जैसी वैश्विक परिस्थितियों के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि कालाबाजारी रोकने के लिए राज्य सरकार ने अभियान तेज कर दिया है। मुख्य सचिव ओ सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं और कालाबाजारी करने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि नैनीताल में इस संबंध में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने के बावजूद हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों को घरेलू गैस सिलेंडर उपयोग करने की छूट दी गई है, जिससे उन्हें परेशानी नहीं होगी। सदन की पीठ ने नियम 58 के तहत दिए गए नोटिस को अग्राह्य करते हुए सरकार को निर्देश दिया कि प्रदेश में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय
