-सरकारी अस्पतालों को ‘रेफरल अस्पताल’ की छवि से बाहर निकाले

देहरादून, 07 अप्रैल (हि.स.)। चारधाम यात्रा से पहले स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने विभागीय तैयारियों की समीक्षा कर सभी स्वास्थ्य सुविधाओं को समय से दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मंत्री ने साफ किया कि सरकारी अस्पतालों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और व्यवस्थाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सभी सीएमओ को अलर्ट मोड में रहकर तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने मंगलवार को विधानसभा में आगामी चारधाम यात्रा के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों को ‘रेफरल अस्पताल’ की छवि से बाहर निकालते हुए गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। वहां तैनात एम्बुलेंस की फिटनेस की जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही चारधाम कंट्रोल रूम में ईसीजी सुविधा के लिए पोर्टेबल मशीनों की व्यवस्था करने को कहा गया।
उन्होंने बताया कि इस बार यात्रा के साथ ही बद्रीनाथ और केदारनाथ स्थित अस्पतालों का संचालन शुरू किया जाएगा। जांच केंद्रों की संख्या बढ़ाने और सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को अलर्ट मोड में कार्य करने के निर्देश भी दिए गए।
मंत्री ने जिलावार स्वास्थ्य उपकरणों की समीक्षा करते हुए साफ-सफाई में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सभी डॉक्टर अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करें और मरीजों को समुचित उपचार उपलब्ध कराएं।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में संसाधनों के बेहतर उपयोग और पारदर्शिता पर बल देते हुए कहा कि सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए कार्यप्रणाली में सुधार आवश्यक है। यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे, महानिदेशक सुनीता टम्टा, एमडी मनोज गोयल, निदेशक शिखा जंगपांगी सहित सभी जिलों के सीएमओ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय
