रायपुर, 31 मार्च (हि.स.)।छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य को सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया। उन्होंने इस दिन को छत्तीसगढ़ के इतिहास के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने घोषणा की कि छत्तीसगढ़ में अब 99 फीसदी माओवाद खत्म हो चुका है और राज्य के भीतर कोई भी सशस्त्र नक्सल कैडर सक्रिय नहीं बचा है।

उन्होंने बताया कि जो गिने-चुने (15-20) नक्सली बचे हैं, वे भी पुनर्वास प्रक्रिया के तहत आत्मसमर्पण की राह पर हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विजय मंत्री शर्मा ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद खत्म हुआ। 2023 तक छत्तीसगढ़ में 75फीसदी नक्सली थे और नक्सलियों का 90 प्रतिशत आर्म्स कैडर भी यहीं था। उन्होंने कहा कि लाल आतंक को खत्म करने का श्रेय बस्तर की जनता को जाता है, साथ ही आर्म्ड फोर्सेज के पराक्रम को भी। टेक्नोलॉजी बेस्ड इंटेलिजेंस पर विशेष काम हुआ, जिससे सफल और परफेक्ट ऑपरेशन हो सके। नक्सली मारे गए, जबकि जवानों को एक भी खरोंच नहीं आई।गृह मंत्री ने कहा कि जिस समस्या ने पिछले 5 दशकों से राज्य को जकड़ रखा था, वह संकल्प लेने के साहस और केंद्र व राज्य सरकार की ठोस रणनीति से पिछले दो वर्षों में समाप्त हो गई है।
अब सरकार का पूरा ध्यान बस्तर के सर्वांगीण विकास, वहां शांति बहाली और स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा से जोड़कर प्रगति की राह पर ले जाने पर होगा।
उन्होंने बताया कि जब ऑपरेशंस चल रहे थे, तब विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा थी, लेकिन आरोप लगने शुरू हो गए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि एनकाउंटर फर्जी हैं, जबकि नक्सलियों ने पत्र जारी कर इसकी पुष्टि की। यह घटना डेढ़ साल पुरानी है। बिना पूरी जानकारी के आरोप लगाना सेना के जवानों के पराक्रम पर तोहमत लगाने जैसा था। बावजूद इसके, जवानों के साहस की वजह से आज यह स्थिति आई है।
उन्होंने बताया कि नक्सलवाद के खात्मे के लिए एक तरफ जहां सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए 120 से ज़्यादा सुरक्षा कैंप बनाए गए।वहीं दूसरी ओर आदिवासी इलाकों में आम लोगों के जीवन को बेहतर करने के लिए नवीन पुल-पुलिया निर्माण के साथ संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए मोबाइल टावर बनाए गए हैं।
मंत्री शर्मा ने बताया कि उन्होंने विशेष रूप से नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर में समाज के प्रमुखों के साथ लगातार उन्होंने बैठकें कीं। बस्तर के विभिन्न जनजातीय समाजों ने इस प्रक्रिया में सहयोग दिया और कई नक्सलियों को पुनर्वास भी कराया गया। उन्होंने पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया, जिन्होंने अभियान चलाकर नक्सलियों को वापस लाने का काम किया।
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने नक्सलियों के पुनर्वास के लिए कई प्रयास किए। पत्रकार साथियों ने भी नक्सलियों को सुरक्षित लौटने में मदद की। अक्टूबर 2025 में बस्तर के जगदलपुर में 210 नक्सलियों ने पुनर्वास लिया, जिसमें 153 हथियार भी जमा किए गए। इसके अलावा, कई पुनर्वास केंद्र बनाए गए, जहां लोगों को दी गई। पिछले दो वर्षों में लगभग 3000 लोगों ने पुनर्वास लिया है, 2000 आर्म्ड कैडर के लोग गिरफ्तार हुए हैं और 536 नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए हैं।
पत्रकारों ने पूछा कि क्या जघन्य अपराधों में शामिल नक्सलियों पर केस नहीं चलना चाहिए और क्या उन्हें सुविधाएं देना पीड़ितों के साथ अन्याय नहीं है, तो शर्मा ने कहा कि समूचे बस्तर ने दशकों तक दंश झेला है। उन्होंने जोर दिया कि मुख्यधारा में लाना और शांति स्थापित करना वर्तमान की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
केंद्रीय सुरक्षा बलों की वापसी पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि सशस्त्र कैडर खत्म हो गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा बल 31 मार्च 2027 तक तैनात रहेंगे ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।’शहरी नक्सलवाद’ की चुनौतियों पर उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल खत्म होने के बाद अब सरकार की नजर इस नेटवर्क पर है और इस दिशा में उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बस्तर के भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने बताया कि अब प्रत्येक पंचायत को ‘आईडी मुक्त पंचायत’ घोषित करने के लिए स्कैनिंग अभियान चलाया जाएगा और जंगलों में छिपे हथियारों के डंप को निकाला जाएगा।
माओवादी विचारधारा के उन्मूलन पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में हर किसी को अपने विचारों की स्वतंत्रता है, सरकार को केवल हथियार उठाने और हिंसा फैलाने से आपत्ति है।
पिछली सरकार (कांग्रेस) से तुलना के सवाल पर उन्होंने कहा कि वर्तमान डबल इंजन सरकार के दृढ़ संकल्प के कारण ही अधिकारियों को बदले बिना यह बड़ी सफलता हासिल की गई है, जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने ‘समझौतावादी’ रवैया अपनाया था।
शर्मा ने यह भी जानकारी दी कि औद्योगिक नीति में उन कंपनियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा जो आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सलियों को रोजगार प्रदान करेंगी।उन्होंने इस सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन की सराहना की, जिन्होंने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा था।
हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा
