रांची, 12 मार्च (हि.स.)। उपायुक्त सह प्रधान जनगणना पदाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने जनगणना 2027 की प्रक्रिया, मोबाइल ऐप के उपयोग और स्व-गणना प्रणाली को लेकर समाहरणालय के ब्लॉक-बी स्थित सभागार में गुरूवार को तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम 14 मार्च तक चलेगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनगणना किसी भी देश के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके आंकड़ों के आधार पर ही सरकार भविष्य की योजनाएं और नीतियां तय होती हैं। उन्होंने कहा कि लगभग डेढ़ दशक बाद आयोजित हो रही इस जनगणना को सभी अधिकारियों और कर्मियों को पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ संपन्न करना होगा।
प्रशिक्षण में जनगणना कार्य निदेशालय रांची से आए प्रशिक्षक केशव नायक आर (उप निदेशक) और संजीव कुमार मांझी (सांख्यिकी अन्वेषक) ने प्रतिभागियों को मकान सूचीकरण, भवनों की गणना, डेटा संकलन की प्रक्रिया और फील्ड कार्य के तौर-तरीकों की जानकारी दी।
इस अवसर पर बताया गया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगी। प्रगणक (एन्यूमरेटर) मोबाइल ऐप के माध्यम से हर घर और हर ब्लॉक का डेटा संग्रह करेंगे, जिससे सूचनाओं का संधारण अधिक तेज और सटीक तरीके से किया जा सकेगा। प्रशिक्षण में जिले के चार्ज अधिकारी, तकनीकी सहायक और विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar
