सागर, 31 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई उस वक्त अफरा-तफरी में बदल गई, जब दिल्ली से आई एक महिला ने अचानक अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया। महिला अपने बेटे से मुलाकात न हो पाने से परेशान थी और इसी हताशा में उसने यह कदम उठाने की कोशिश की।

मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए महिला के हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली और उसे सुरक्षित हिरासत में लेकर संभावित हादसे को टाल दिया। घटना के बाद परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई।
महिला ने बताया कि उसका बेटा रेहान नासिर पिछले पांच वर्षों से हत्या के एक मामले में सागर जेल में बंद है। उसका आरोप है कि वह पिछले कई दिनों से बेटे से मिलने के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन जेल प्रशासन उसे अनुमति नहीं दे रहा। इसी से आहत होकर उसने जनसुनवाई में यह आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया।
जनसुनवाई में दिए गए आवेदन में महिला ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसके अनुसार, उससे अवैध रूप से पैसे की मांग की गई और रकम न देने पर उसके बेटे को मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। महिला ने यह भी दावा किया कि मामले में अदालत का आदेश आने के बावजूद उसे राहत नहीं मिल रही है।
महिला ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसके बेटे के साथ जेल के अंदर कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जेल प्रशासन की होगी।
इस घटना ने एक बार फिर जनसुनवाई केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही यह भी चिंता का विषय बनता जा रहा है कि शिकायतों के समाधान में देरी के कारण लोग चरम कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं।
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने महिला को समझाइश देकर शांत कराया। अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और जेल प्रशासन से रिपोर्ट तलब की जा रही है। वहीं, जनसुनवाई में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की बात भी कही जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे
