जबलपुर, 07 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में ईओडब्ल्यू ने शासन की रियायती दरों पर शैक्षणिक कार्य के लिए आवंटित भूमि का दुरुपयोग कर शासन को लगभग 3.50 करोड़ रुपये की क्षति पहुंचाने के आरोप में शनिवार को जॉय एजूकेशन सोसायटी के चेयरमेन अखिलेश मेबन और आधारताल के तत्कालीन तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे के खिलाफ शनिवार आपराधिक मामला दर्ज किया है।

शिकायतकर्ता राजकुमार द्वारा ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि जॉय एजूकेशन सोसायटी ने नगर निगम अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर शासकीय भूमि का दुरुपयोग किया है। जिसको लेकर ईओडब्ल्यू ने शिकायत की जांच करायी, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच में म.प्र. शासन के आदेश के तहत जॉय एजूकेशन सोसायटी, जिसके चेयरमैन अखिलेश मेबन हैं, को नगर निगम जबलपुर के अंतर्गत प्लॉट नंबर 440, डायवर्सन शीट नंबर 152-सी की 7500 वर्गफुट भूमि शैक्षणिक कार्य के लिए 30 वर्षों की लीज पर रियायती दरों पर आवंटित की गई थी। लीज डीड में स्पष्ट उल्लेख था कि भूमि का उपयोग केवल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा और अन्य उपयोग के लिए नगर निगम से अनापत्ति लेना अनिवार्य होगा।
यह लीज वर्ष 2020 में समाप्त हो गई थी, जिसके बाद 22 अप्रैल 2022 को अखिलेश मेबन के आवेदन पर पुनः 30 वर्षों के लिए लीज बढ़ाई गई। आरोप है कि नगर निगम की अनुमति के बिना उक्त भूमि पर अस्पताल का निर्माण कराया जा रहा है, जो लीज की शर्तों का उल्लंघन है। ईओडब्ल्यू ने मामले से सम्बंधित सभी पहलुओं को संज्ञान में लिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक
