– लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने उन्नत किसानों को किया सम्मानित

जबलपुर, 13 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में कृषि वर्ष 2026 के उपलक्ष्य में किसान कल्याण तथा कृषि विकास द्वारा पुलिस लाइन स्थित हॉकी ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय कृषि मेला एवं श्री अन्न फूड फेस्टिवल का शुक्रवार को भव्य एवं गरिमामय समारोह में समापन हुआ।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह थे। इस अवसर पर उन्होंने जिले के उन प्रगतिशील किसानों को पुरस्कृत किया, जो वैज्ञानिक पद्धति से खेती कर समाज के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
मंत्री सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश के किसानों को समृद्ध व संपन्न बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में कई नवाचार किये जा रहे है, ताकि किसानों को उनके उत्पादों का सही मूल्य मिल सके। उन्होंने कहा कि कृषि की आधुनिक तकनीकों, प्राकृतिक खेती और मिलेट्स को अपनाकर ही किसान अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं।
समापन समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष आशा मुकेश गोटिया, जिला पंचायत की कृषि स्थाई समिति के सदस्य राजेश पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कृषि मेला एवं श्रीअन्न फूड फेस्टिवल के दौरान आयोजित जैविक उत्पाद एवं मिलेट्स व्यंजन प्रतियोगिता के परिणामों के आधार पर विजेताओं को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के विजेताओं को ये पुरस्कार लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने प्रदान किये। प्रतियोगिता में 51 सौ रुपये का प्रथम पुरस्कार आजीविका मिशन को, द्वितीय पुरस्कार में 31 सौ रुपये पातालकोट की रसोई को, तृतीय पुरस्कार के रूप में 21 सौ रुपये मिलेट्स फूड को तथा 11 सौ रुपये का चतुर्थ पुरस्कार के मिलेट मैनिया को प्राप्त हुआ।
इसके साथ ही मेले में शामिल हुए सभी स्टॉल संचालकों को सहभागिता पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। मेले के विशेष आकर्षण के रूप में जिले के सफल किसानों की कहानियों का प्रदर्शन किया गया, जिससे अन्य किसानों को नई दिशा मिल सके।
मेला एवं फूड फेस्टिवल के समापन समारोह में छिंदवाड़ा जिले के उप संचालक कृषि जितेन्द्र सिंह भी उपस्थित थे। मेला के समापन पर उप संचालक कृषि डॉ एस के निगम ने सभी किसानों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कृषि मेला एवं श्रीअन्न फूड फेस्टिवल के आयोजन को सफल बनाने में सहायक संचालक कृषि रवि आम्रवंशी, अनुविभागीय कृषि अधिकारी डॉ इंदिरा त्रिपाठी, प्रतिभा गौर, कीर्ति वर्मा, मनीषा पटेल, अराधना सिंह एवं रश्मि मोदी के सक्रिय सहयोग की सराहना भी की।
इसके पहले कृषि मेला एवं श्रीअन्न फूड फेस्टिवल के समापन सत्र की शुरुआत तकनीकी सत्र से हुई। तकनीकी सत्र में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं का समाधान किया। डॉ एस बी अग्रवाल ने दलहनी फसलों की उन्नत तकनीक बताई। डॉ एम एल केवट ने तिलहन फसलों के उत्पादन पर प्रकाश डाला। सुरेश पहाड़े ने लघुधान्य (मिलेट्स) फसलों की मार्केटिंग स्ट्रेटजी साझा की। डॉ ए के सिंह ने इंटीग्रेटेड न्यूट्रिएंट मैनेजमेंट के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के उपाय बताए। ताराचंद बेलजी द्वारा प्राकृतिक खेती के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर
