Jammu, 14 मार्च (हि.स.)। प्रदेश की शीतकालीन राजधानी जम्मू शहर में यातायात के मामले में अति व्यस्त रहने वाली सड़कों पर सरकार 7 मीटर की छोटी इलैक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी कर रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रदेश के दोनों शीतकालीन राजधानी शहरों जम्मू और श्रीनगर में 12 मीटर और 9 मीटर लंबी करीब 200 इलैक्ट्रिक बसें वर्तमान में चलाई जा रही हैं लेकिन ये बसें जम्मू शहर के बाहरी रूटों पर ही ज्यादातर चल रही हैं।

शुरूआत में शहर में मुख्य रूटों जिसमें शास्त्री नगर, त्रिकुटा नगर, गांधीनगर, कच्ची छावनी, ज्युल, इंदिरा चौक आदि में इन बसों को चलाया गया था लेकिन इनकी लंबाई ज्यादा होने के चलते निजी ट्रांसपोर्टरों द्वारा इसका विरोध किया गया। इसकी वजह से जम्मू स्मार्ट सिटी मिशन के तहत जम्मू शहर के विभिन्न रूटों पर चलाने के मकसद से आई इन इलैक्ट्रिक बसों को प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ डाइवर्ट कर दिया। कई इलैक्ट्रिक बसों को तो नियमों को ताक पर रखकर अन्य जिलों सांबा, कठुआ, रियासी, ऊधमपुर आदि में भी डाइवर्ट कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री इलैक्ट्रिक बस योजना के तहत अब 200 नई इलैक्ट्रिक बसें जम्मू कश्मीर में जल्द ही जाएंगी। इनमें करीब 70 फीसदी बसें 7 मीटर लंबी खरीदने का फैसला लिया गया है। नाम न छापने की तर्ज पर एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि 7 मीटर लंबी इलैक्ट्रिक बसें जम्मू शहर के आंतरिक रूटों पर सरलता से चल पाएंगी और इससे जम्मू शहर में वाकई सार्वजनिक यातायात में नई क्रांति आएगी और शहर के लोगों को आवाजाही में बड़ी सुविधा प्राप्त होगी।
अधिकारी ने बताया कि 7 मीटर लंबी इलैक्ट्रिक बसें शहरों में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और प्रदूषण कम करने के लिए शुरू की जाएंगी खासकर उन शहरी क्षेत्रों में जहां बड़ी बसें चलाना मुश्किल होता है।
इन बसों के संचालन से लोगों को घर के नजदीक से ही सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सकेगी और निजी वाहनों पर निर्भरता भी कम होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / SONIA LALOTRA
