जम्मू, 27 जनवरी (हि.स.)। बिश्नाह में भाजपा जिला जम्मू बॉर्डर द्वारा ‘विकसित भारत – रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ जनजागरण अभियान को लेकर बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा जम्मू–कश्मीर महामंत्री एवं विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन ग्रामीण संयोजक बलदेव सिंह बिलावरिया रहे जबकि बैठक में स्थानीय विधायक राजीव भगत जम्मू बॉर्डर प्रभारी राजेंद्र सिंह चिब एवं जम्मू-कश्मीर भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष राकेश पंत भी उपस्थित रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए बिलावरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ग्रामीण भारत को सशक्त, आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने के लिए निरंतर प्रभावी नीतियों और योजनाओं को लागू कर रही है। बिलावरिया ने कांग्रेस द्वारा ‘विकसित भारत – रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (जी राम जी) को लेकर की जा रही टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस द्वारा इस जनकल्याणकारी अभियान को ‘राम नाम’ से जोड़कर भ्रम फैलाने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘जी राम जी’ किसी व्यक्ति या भावनात्मक प्रतीक का नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार, आजीविका सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का प्रतिनिधित्व करता है।

उन्होंने कहा कि भाजपा राजनीति से ऊपर उठकर जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से कार्य कर रही है जबकि कांग्रेस बार-बार विकासशील योजनाओं को भी राजनीतिक चश्मे से देखने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब ऐसे भ्रामक और नकारात्मक प्रयासों को भली-भांति समझ चुकी है और विकास, रोजगार एवं सुशासन के साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन जैसे कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं, महिलाओं, किसानों, श्रमिकों, स्वयं सहायता समूहों तथा समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना का लक्ष्य केवल मजदूरी प्रदान करना नहीं है बल्कि ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और किसानों को स्थायी रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। बिलावरिया ने सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी घर-घर तक पहुँचाने तथा उन्हें योजनाओं से जोड़ने में सक्रिय एवं समर्पित भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि संगठनात्मक मजबूती और जनसंपर्क के माध्यम से ही ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता
