जम्मू,, 11 मार्च (हि.स.)।

जम्मू विश्वविद्यालय 13 और 14 मार्च 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में “जम्मूइयत: साहित्य–संस्कृति समागम” नामक दो दिवसीय साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जम्मू क्षेत्र की समृद्ध साहित्यिक परंपराओं और विविध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाना तथा विद्वानों, लेखकों, कलाकारों, छात्रों और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना है।
कुलपति के मार्गदर्शन में आयोजित इस समागम का मुख्य उद्देश्य “जम्मूइयत” की भावना को उजागर करना है, जो क्षेत्र की साझा संस्कृति, सौहार्द और सह-अस्तित्व की परंपरा को दर्शाती है। जम्मू की सांस्कृतिक पहचान डोगरी, हिंदी, उर्दू, पंजाबी, गोजरी, पहाड़ी, सिराजी और पड्डरी जैसी भाषाओं के साथ-साथ कविता, लोककथाओं, थिएटर, लोक संगीत और कला की परंपराओं में दिखाई देती है।
दो दिवसीय कार्यक्रम में पैनल चर्चाएं, साहित्यिक सत्र, कवि सम्मेलन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पुस्तक विमोचन, प्रदर्शनियां और लेखकों व विद्वानों के साथ संवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य, थिएटर, कला और फोटोग्राफी प्रदर्शनियां, पुस्तक स्टॉल, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों की झलक भी देखने को मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता
