जयपुर, 10 फ़रवरी (हि.स.)। धनुषकोडी रामेश्वरम् से लाल चौक श्रीनगर तक संचालित सनातन जागरण राष्ट्र कल्याण यज्ञ यात्रा सोमवार को जयपुर स्थित आर्यसमाज आदर्शनगर पहुंची, जहां रात्रि विश्राम के बाद मंगलवार सुबह यात्रा को कोटपूतली की ओर रवाना किया गया। जयपुर में यात्रा के पड़ाव की व्यवस्था का दायित्व आर्यसमाज आदर्शनगर के कार्यकारी प्रधान रवि नैय्यर ने निभाया।

इस अवसर पर यज्ञशाला में महिला आर्यसमाज आदर्शनगर एवं विभिन्न प्रांतों से आए यात्रियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन किया। अंतरराष्ट्रीय वेद प्रचारिणी सभा के अध्यक्ष डॉ. मोक्षराज ने यात्रा संयोजक आचार्य नरेन्द्र एवं वेद भगवान पुस्तक के संपादक कृष्णा रेड्डी का स्वागत किया।

अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास में प्रथम सांस्कृतिक राजनयिक रहे डॉ. मोक्षराज, हैदराबाद के कृष्णा रेड्डी एवं आचार्य नरेन्द्र द्वारा वेद भगवान की एक प्रति आर्यसमाज आदर्शनगर की यज्ञशाला में स्थापित की गई। इस अवसर पर डॉ. मोक्षराज ने बताया कि इस ग्रंथ में चारों वेदों के मंत्र संकलित हैं। आमजन अब आर्यसमाज में आकर वेदों का दर्शन और अध्ययन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि आर्यसमाज महर्षि दयानंद सरस्वती के “वेदों की ओर लौटो” के संदेश को साकार करने के लिए सतत प्रयासरत है।
डॉ. मोक्षराज ने कहा कि वेद संपूर्ण मानव जाति के धर्मग्रंथ हैं। तिब्बत और आर्यावर्त की भूमि पर अरबों वर्षों से वेदपाठ एवं वेदाध्ययन की परंपरा रही है। वेद सभी मत-मजहबों के उदय से पूर्व मानव समाज के मूल ग्रंथ रहे हैं, इसलिए प्रत्येक मनुष्य को वेद पढ़ने का अधिकार है।
यज्ञ यात्रा के रथ को आगे बढ़ाते हुए समाजसेवी एवं आदर्शनगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रवि नैय्यर ने आहुति दी और यात्रा की सफलता की कामना करते हुए वेदरथ को कोटपूतली की ओर प्रस्थान कराया।
यात्रा संयोजक आचार्य नरेन्द्र ने बताया कि यह यात्रा धनुषकोडी रामेश्वरम् से प्रारंभ होकर दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों एवं गुजरात से होते हुए राजस्थान के आबू रोड, अजमेर और जयपुर पहुंची है। जयपुर के बाद यात्रा कोटपूतली, अलवर, डीग, भरतपुर होते हुए उत्तरप्रदेश के आगरा पहुंचेगी। बाद में दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से होते हुए लाल चौक श्रीनगर तक जाएगी।
हैदराबाद निवासी कृष्णा रेड्डी ने बताया कि इस सनातन जागरण राष्ट्र कल्याण यज्ञ यात्रा में अब तक संपूर्ण ऋग्वेद के मंत्रों से आहुतियां दी जा चुकी हैं तथा वर्तमान में यजुर्वेद के मंत्रों का पाठ किया जा रहा है। उत्तरप्रदेश, दिल्ली और हरियाणा तक सामवेद तथा पंजाब से श्रीनगर तक अथर्ववेद सहित चारों वेदों के कुल 20,379 मंत्रों से आहुतियां पूर्ण की जाएंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित
