बीकानेर, 24 फ़रवरी (हि.स.)। उद्यान विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत ‘संरक्षण आधारित बागवानी-सतत विकास का मार्ग’ विषयक सेमिनार मंगलवार को स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में संपन्न हुआ।

दो दिवसीय सेमिनार के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि स्वामी केशवानंद कृषि विश्वविद्यालय की निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ दीपाली धवन थी। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण आधारित बागवानी से ही किसानों की समृद्धि व खुशहाली का मार्ग प्रशस्त होगा।

छात्र कल्याण निदेशक डॉ एच एल देशवाल ने बताया कि मृदा नमी संरक्षण, वर्षा जल संचयन व सूक्ष्म सिंचाई तकनीक द्वारा जल संरक्षण को बढ़ावा देकर ही किसान आर्थिक रूप से सक्षम बन सकते है। इस अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक हरिशंकर आचार्य ने राज्य सरकार द्वारा 2 वर्षों में किसान हित में उठाए गए विभिन्न ऐतिहासिक कदमों व उपलब्धियों की जानकारी दी।
सहायक निदेशक उद्यान मुकेश गहलोत ने कहा कि जिले में सब्जी उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं। किसान, जल संरक्षण तकनीकी बूंद-बूंद सिंचाई के महत्व को समझें। अगेती सब्जी फसल लेकर किसान समय पूर्व उपज प्राप्त कर अधिक आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। विश्वविद्यालय की सहायक निदेशक (जनसम्पर्क) भाग्यश्री गोदारा ने किसानों के साथ विभिन्न राज्य योजनाओं के बारे में चर्चा की।
केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान डॉ. हनुमान ने बताया कि किसान सरक्षित खेती के महत्व को समझें। जल संरक्षण व बचत तकनीकी का उपयोग करते हुए पोली हाउस खेती से किसान समृद्ध व खुशहाल हो सकते हैं। कृषि अधिकारी उद्यान रमेश भाम्भू ने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा देय विभिन्न अनुदान योजनाओं के बारे में जानकारी दी। शुष्क बागवानी संस्थान के डॉ रामकेश मीणा ने अनार, बैर, सिट्रस, खजूर फल-बगीचा स्थापना की उन्नत तकनीकी के संदर्भ में बताया। संयुक्त निदेशक उद्यान डॉ रेणु वर्मा ने बताया कि जल संरक्षण आधारित बागवानी वर्तमान समय की मांग है। किसान अधिक से अधिक सूक्ष्म सिंचाई, पॉली हाउस, लॉ-टनल, मल्चिंग जैसी जल सरंक्षित खेती को अपनाकर आमदनी को बढ़ावा दें।
सेमिनार में जिले के 100 से अधिक युवा प्रगतिशील नवाचारी उद्यान किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में उद्यान विभागीय अधिकारी डॉ विजय कुमार बधाई, जोधराज कालीरावणा, लक्ष्मण सिंह शेखावत, अनिरूद्ध, पुष्पेन्द्र सिंह, धर्मपाल, बनवारीलाल सैनी, करणीदान चारण, ओमप्रकाश गोदारा, शिवभगवान इत्यादि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक उद्यान मुकेश गहलोत ने किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव
