जींद, 10 मार्च (हि.स.)। आल हरियाणा पॉवर कार्पोरेशन वर्कर यूनियन के आह्वान पर बिजली निगम कर्मियों ने मंगलवार को सांकेतिक भूख हड़ताल की और बिजली बिल 2025 का विरोध किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सब यूनिट नंबर 2 के उपप्रधान रामनिवास सैनी और संचालन सचिव सोनू डांगी ने की।

इस अवसर पर विशेष रूप से सर्किल सचिव धर्मभीर भम्भेवा भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार लोकसभा सत्र में बिजली संशोधन बिल 2026 पेश करके बिजली को प्राइवेट हाथों में सौंपना चाहती है, उससे बिजली निगम को बहुत बड़ा नुकसान होने की संभावना है। क्योंकि संशोधन बिल में सरकार जो लगातार किसानों को खेतों की बिजली में सब्सिडी दे रही है, उसको बंद करना चाहती है। जिससे किसानों को मिलने वाली सब्सिडी बंद करना चाहती है। स्मार्ट मीटरों के नाम पर बड़े-बड़े उद्योगपतियों के कहने से मीटरों को स्मार्ट करना चाहती है। जिससे बिजली कंपनी को खरीदना आसान होगा। संशोधन बिल लागू करके उद्योगपतियों के हवाले करके बिजली को गरीब आदमियों की पहुंच से दूर करना चाहती है और सरकार द्वारा लगातार कच्ची नौकरी में भारी बढ़ोत्तरी एचकेआरएन के नाम पर कर रही है। सरकार एचकेआरएन में लगे कर्मचारियों को सर्विस एक्ट के नाम पर 58 साल तक कच्चे रखना चाहती है। एचकेआरएन को भंग करने, पुरानी पेंशन लागू करवाने, जोखिम भत्ता, बिजली विभाग में पक्की नौकरियों की भर्ती करवाना, ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को रद्द करवाने के लिए, बिजली दरों को कम करनेए बिजली कर्मचारियों की फ्री यूनिट बढ़वाने के लिए आदि बहुत मांगो को लेकर 20 मई 2026 को हरियाणा बिजली मंत्री के आवास पर प्रदर्शन करेगी। बैठक में यूनिट की और से प्रधान राकेश ईक्कस, यूनिट सचिव संदीप गिल, विक्रम लुदाना, राजीव जुलानी, अमित शर्मा, अनिल, नरवीर, हरीश, सुनील आदि अनेक बिजली कर्मचारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा
