रांची, 12 मार्च (हि.स.)। सदन में जल संसाधन विभाग की अनुदान मांगों पर कटौती प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान दूसरी पाली में मंत्री हफीजुल हसन ने गुरूवार को सरकार के जवाब में विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में जो काम पिछले 50 वर्षों में नहीं हुआ, उसे वे पांच साल में पूरा करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए फील्ड में मेहनत करनी होगी। शक्ति का प्रदर्शन कार्यों से होना चाहिए, शब्दों से नहीं। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि बाल पहाड़ी गांडे मेगा सिंचाई योजना से गिरिडीह, धनबाद और जामताड़ा जिले के लगभग 37 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा खूंटी जिले के अड़की और मुरहू प्रखंड के लिए चारा उल्हा पाइपलाइन सिंचाई योजना पर भी काम किया जाएगा। सिमडेगा में हैपाला मेगा योजना और पूर्वी सिंहभूम में पटमदा बोड़ाम मेगा सिंचाई योजना को भी आगे बढ़ाने की योजना है। सिकिया और मसलिया योजनाओं के पहले चरण का लगभग 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
वित्त पोषण के मुद्दे पर मंत्री ने केंद्र सरकार पर भी सवाल खडा किया। मंत्री ने कहा कि पहले बड़ी सिंचाई योजनाओं में केंद्र की हिस्सेदारी अधिक होती थी, लेकिन अब राज्य सरकार को ज्यादा आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की समृद्धि और राज्य का विकास है। मंत्री ने कहा कि जल बचेगा तो कल सजेगा और हर खेत में हरियाली लाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसलिए जल संसाधन विकास विभाग इसपर ठोस कार्य कर रहा है।
इसके साथ ही स्पीकर रबींंद्र नाथ महतो ने बजट पर विपक्ष की ओर से लाई गई कटौती प्रस्ताव को अस्वीकृत करते हुए मांगे स्वीकृत कर दी। साथ ही सदन की कार्यवाही 13 मार्च की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar
