सुपौल, 17 मार्च (हि.स.)। भारत की जनगणना 2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सुपौल जिले में प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को जिला परिषद सुपौल के सभागार में जनगणना के प्रथम चरण (मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना) से संबंधित जिला एवं चार्ज स्तर के अधिकारियों के लिए तीन दिवसीय व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी सह प्रधान जनगणना अधिकारी सावन कुमार द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी सह अनुमंडल जनगणना अधिकारी, निदेशक एनईपी, निदेशक लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन, जिला योजना पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सह अपर जिला जनगणना अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी एवं जिले के सभी 17 चार्ज के चार्ज जनगणना अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि जनगणना किसी भी देश की विकास योजनाओं की आधारशिला होती है, इसलिए इसकी शुद्धता और पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी अधिकारी इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध ढंग से निष्पादित करें और आंकड़ों की सटीकता में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
उन्होंने प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस बार की जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि पहली बार पूरे देश में जनगणना डिजिटल मोड में कराई जाएगी। इसके तहत प्रगणक एंड्रॉयड मोबाइल के माध्यम से घर-घर जाकर आंकड़े संग्रह करेंगे। ऐसे में सभी अधिकारियों और कर्मियों को तकनीकी रूप से दक्ष होना अनिवार्य है।
जिलाधिकारी ने सभी चार्ज जनगणना अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान ऑनलाइन प्रक्रियाओं, सॉफ्टवेयर संचालन एवं डेटा एंट्री की बारीकियों को स्वयं लैपटॉप पर अभ्यास कर पूरी तरह समझ लें, ताकि फील्ड में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना ही इसकी वास्तविक सफलता होगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना निदेशालय से आए अनुभवी प्रशिक्षक रमेश कुमार पाठक एवं अनिल कुमार द्वारा प्रतिभागियों को जनगणना के सभी तकनीकी, प्रशासनिक एवं व्यवहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण के दौरान मोबाइल ऐप के उपयोग, डेटा अपलोडिंग, त्रुटि सुधार एवं रिपोर्टिंग प्रक्रिया पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण का कार्य 2 मई से 31 मई तक संचालित किया जाएगा, जिसमें प्रगणक घर-घर जाकर डिजिटल माध्यम से मकानों एवं परिवारों का विवरण संकलित करेंगे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 19 मार्च तक चलेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से सभी संबंधित अधिकारी पूरी तरह तैयार होकर जनगणना कार्य को सफल, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से संपन्न करेंगे, जिससे भविष्य की विकास योजनाओं के लिए सटीक और विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध हो सकें।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र
