
डूंगरपुर, 29 जनवरी (हि.स.)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने डूंगरपुर जिले के दोवड़ा थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए थाने में तैनात एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल को डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बुधवार देर रात एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन और डूंगरपुर उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में की गई।

आरोपित पुलिसकर्मियों ने एक युवक को ऑनलाइन ठगी के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर दो लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत लेने के बाद दोनों कार सहित फरार हो गए, लेकिन एसीबी टीम ने पीछा कर आपुर रोड स्थित एक होटल के पास से उन्हें दबोच लिया।

एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि परिवादी ने ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 18 जनवरी 2026 को परिवादी नयागांव में खड़ा था, तभी पुलिस की गाड़ी में आए कर्मचारियों ने उसे रोका। पुलिसकर्मियों ने किसी अन्य व्यक्ति का पता पूछने के बहाने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और जांच शुरू कर दी। आरोपितों ने परिवादी पर लोकेन्टो ऐप के जरिए लोगों से ठगी करने का झूठा आरोप लगाया और कहा कि उसके मोबाइल में संदिग्ध लेन-देन पाया गया है। उसे डरा-धमका कर जबरन पुलिस वाहन में बैठा लिया गया और थाने ले जाने लगे। रास्ते में कांस्टेबल प्रकाश चन्द्र पटेल ने परिवादी को डराते हुए कहा कि यदि थाने में मामला दर्ज हो गया तो महीनों तक जमानत नहीं मिलेगी। उसने दोवड़ा थानाधिकारी का नाम लेते हुए कहा कि मैं भी पाटीदार हूं और सीआई साहब भी, मैं मामला रफा-दफा करवा दूंगा। इसके बदले उसने दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने परिवादी को रास्ते में उतार दिया और रिश्वत की राशि लेकर थाने आने के लिए कहा।
शिकायत के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। तय योजना के अनुसार एसीबी अधिकारियों ने फरियादी को डेढ़ लाख रुपये देकर भेजा। निर्धारित समय पर दोनों पुलिसकर्मी कार से पहुंचे। फरियादी ने कार में बैठकर उन्हें रिश्वत दी। राशि लेते ही दोनों आरोपी भागने लगे, लेकिन एसीबी टीम ने देर रात आसपुर रोड पर एक होटल के पास उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि रिश्वत की राशि अभी बरामद नहीं हो पाई है। एसीबी टीम आरोपितों से रकम बरामदगी के प्रयास कर रही है।
पूछताछ जारी
एसीबी के महानिरीक्षक पुलिस राजेश सिंह ने बताया कि दोनों आरोपितों से फिलहाल पूछताछ जारी है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष
