मुंबई,23 फरवरी ( हि.स.) । डॉ कैलाश पवार जो राज्य के चिकित्सा क्षेत्र में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं।ठाणे जिला सिविल अस्पताल में सर्जन के पद पर कार्यरत डॉ. कैलास पवार, जिन्होंने मुश्किल समय में भी अपनी हिम्मत, दूर की सोच और इंसानियत नहीं छोड़ी, उन्हें राज्य सरकार ने मशहूर ‘वंदनीय बालासाहेब ठाकरे आरोग्य रत्न’ अवॉर्ड से विभूषित किया है। यह उनके शानदार काम और कर्तव्य के लिए राज्य स्तर पर दिया जाने वाला सम्मान है और इसे ठाणे जिला ही नहीं अपितु राज्य के लिए गर्व और प्रेरणा देने वाला पल माना जा रहा है।

मुंबई के यशवंतराव चव्हाण सेंटर में हुए एक बड़े समारोह में, राज्य के हेल्थ मिनिस्टर प्रकाश अबितकर, हेल्थ स्टेट मिनिस्टर मेघना साकोरे बोर्डिकर, डिप्टी मेयर संजय घाडी, हेल्थ सेक्रेटरी ई. रवींद्रन, हेल्थ कमिश्नर कादंबरी बालकवड़े ने डॉ. पवार को मेडल, सर्टिफिकेट और कैश प्राइज़ दिया। यह समारोह अलग-अलग फील्ड के जाने-माने लोगों, स्वास्थ अधिकारियों और समाज सेवी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में हुआ।

उल्लेखनीय है कि डॉ. पवार ने अपने कर्सेतव्य व सेवा के दौरान ‘पेशेंट फर्स्ट’ के मंत्र को कायम रखते हुए हेल्थ सिस्टम को नई ताकत दी। कोरोना के मुश्किल समय में ठाणे सिविल हॉस्पिटल में काम करते हुए उन्होंने जो कुशल नेतृत्व , ध्यान से योजनाबद्ध और असरदार समन्वय से स्किल्स दिखाईं, उन्हें आज भी बहुत से लोग याद करते हैं। सबसे मुश्किल हालात में भी, उन्होंने दिन-रात काम किया ताकि मरीजों को सही इलाज, ज़रूरी सुविधाएं और साइकोलॉजिकल सपोर्ट मिल सके।
सरकारी हॉस्पिटल सिस्टम, जिसकी पहले 976 बेड की कैपेसिटी थी, को बढ़ाकर 2572 बेड तक करने में उनका अहम रोल रहा है। भविष्य में, इस कैपेसिटी को 4610 बेड तक बढ़ाने की प्लानिंग चल रही है और नई हेल्थ फैसिलिटीज़ का कंस्ट्रक्शन तेज़ी से चल रहा है। पुराने सिविल हॉस्पिटल को तोड़कर एक टेम्पररी जगह पर हॉस्पिटल बनाते समय उनकी एडमिनिस्ट्रेटिव स्किल्स और दूर की सोच साफ दिखी। उन्होंने कम रिसोर्स के साथ भी हेल्थ सर्विसेज़ को बिना रुकावट बनाए रखने की बड़ी चुनौती का बहादुरी से सामना किया।
डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे की नेतृत्व में उन्होंने नए बने सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के कंस्ट्रक्शन में जो प्लानिंग और फॉलो-अप किया है, वह लंबे समय तक चलेगा। उसी बिल्डिंग में एयर एम्बुलेंस के लिए खास सुविधाएं बनाई जा रही हैं, जिससे जिले में इमरजेंसी हेल्थ सर्विस को नई मजबूती मिलेगी।
डॉ. पवार ने कैंसर जैसी असाध्य गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधाएं देने, सरकारी योजनाओं का फायदा आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाने और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने में लगातार पहल की है। उनकी हमेशा यही इच्छा रही है कि उनके ऑफिस में आने वाला हर मरीज, रिश्तेदार, कर्मचारी या अधिकारी चेहरे पर संतोष लेकर ही जाए।अपने सकारात्मक रवैये, मजबूत फैसले लेने की क्षमता और इंसानियत की सोच की वजह से डॉ. कैलाश पवार ठाणे जिले के हेल्थ सिस्टम में भरोसे का केंद्र बन गए हैं। इस राज्य स्तरीय सम्मान ने ठाणे जिले का मान बढ़ाया है और यह हेल्थ सेक्टर में काम करने वाले सभी लोगों के लिए एक प्रेरणा देने वाली घटना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा
