हैदराबाद, 06 फ़रवरी (हि.स.)। तेलंगाना में नगर निगम चुनावों की तैयारियाँ चरम पर हैं। राज्य की 116 नगरपालिकाओं और 7 नगर निगमों के कुल 2,996 वार्डों में नामांकन दाखिल होने और मंगलवार को नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुल 12,993 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। चुनाव अधिकारी व्यवस्थाओं में व्यस्त हैं, जबकि राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों को नियंत्रित करने, जाति और समुदाय के समीकरणों को संभालने और शहरी मतदाताओं को लामबंद करने में जुटे हैं।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राव ने शुक्रवार को विश्वास जताया कि उनकी पार्टी नगर निगम चुनावों में जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि जीत की स्थिति में नगर निगमों में लंबित कर और बकाया को माफ किया जाएगा और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाया जाएगा। उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और वित्त आयोग से मिले निधियों के पारदर्शी उपयोग का भरोसा दिलाया।

रामचंद्र राव ने कहा कि पार्टी अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई करेगी और युवाओं के लिए वॉकिंग ट्रैक विकसित करेगी। नगर निगम चुनाव के लिए भाजपा ने ‘विकसित तेलंगाना – भाजपा संकल्प पत्र’ भी जारी किया है। घोषणापत्र में मंदिरों की सुरक्षा, कब्ज़े वाली मंदिर भूमि को वापस लेना, हर नगर पालिका में गौशालाएँ, छोटी नगर पालिकाओं में एक मल्टीपर्पस पार्क और बड़ी नगर पालिकाओं में दो पार्क विकसित करने सहित सभी नगर निगमों और पालिकाओं में 100% भूमिगत जल निकासी प्रणाली सुनिश्चित करने के प्रावधान शामिल हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केंद्रीय आवंटन पर सवाल उठा रहे हैं और केंद्र से प्राप्त निधियों पर वाइट पेपर जारी करके सार्वजनिक बहस में हिस्सा लें।
रामचंद्र राव ने आरोप लगाया कि राज्य पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला कर रही है और डर का माहौल बना रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला किया तो मानव अधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
इस बीच, कांग्रेस आंतरिक मतभेदों से जूझ रही है, जबकि बीआरएस अपने मजबूत कार्यकर्ता नेटवर्क और रणनीति पर भरोसा जताते हुए चुनावी प्रचार में सक्रिय है। नगर निगम चुनाव अब तेलंगाना की शहरी राजनीति का महत्वपूर्ण टर्निंग पॉइंट बनते जा रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / नागराज राव
