नई दिल्ली, 17 मार्च (हि.स.)। दिल्ली विश्वविद्यालय के श्यामलाल कॉलेज (मॉर्निंग) में 16-17 मार्च को ‘यूनिवर्सिटी शेफ-2026’ प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। पांच राउंड की इस कुकिंग प्रतियोगिता में दिल्ली स्कूल ऑफ होटल मैनेजमेंट के ईशान और हिमांशु की जोड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

दूसरे स्थान पर दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के दिव्यांश और शुभम रहे, जबकि श्यामलाल कॉलेज की प्रीति और सान्या की टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया। इस वर्ष प्रतियोगिता में कुल 14 टीमों ने भाग लिया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तर्ज पर आयोजित यह कार्यक्रम दिल्ली विश्वविद्यालय में अपनी तरह की एक अनूठी पहल है, जिसमें विभिन्न कॉलेजों और होटल मैनेजमेंट संस्थानों के विद्यार्थियों ने अपनी पाक कला का प्रदर्शन किया। स्ट्रीट फूड से लेकर थ्री-कोर्स मील तक के विभिन्न राउंड में प्रतिभागियों ने न केवल स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए, बल्कि आकर्षक प्रस्तुति (प्लेटिंग) से भी सभी को प्रभावित किया।
प्रतियोगिता के ज्यूरी पैनल में राष्ट्रपति भवन के एग्जीक्यूटिव शेफ मुकेश कुमार, अशोका होटल के एग्जीक्यूटिव शेफ अमित गोथवाल, प्रथम हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज की डायरेक्टर एवं सेलेब्रिटी शेफ वीटा सिंह, शेफ बलेंद्र सिंह तथा मास्टर शेफ सीजन-4 के प्रतिभागी शेफ जतीन खुराना शामिल रहे। इसके अलावा फूड ब्लॉगर अनमोल, विग्न गुप्ता और स्वाति गोस्वामी सोशल मीडिया डेलीगेट्स के रूप में उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता के पुरस्कार प्रथम हॉस्पिटैलिटी द्वारा प्रायोजित किए गए। अन्य प्रायोजकों में बिकानो, रोजा हर्बल केयर, क्यूना अप्लायंसेज, एवकेनॉक्स कटलरी, कॉनिटोस, वाडीलाल, बॉन ब्रेड्स और इगरू फार्म्स शामिल रहे। विजेताओं को नगद राशि और गिफ्ट हैम्पर प्रदान किए गए।
प्रथम हॉस्पिटैलिटी की डायरेक्टर शेफ वीटा सिंह ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में करियर की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
श्यामलाल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. रबि नारायण कर ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में कौशल विकास को बढ़ावा देती हैं और रोजगार के नए अवसरों के प्रति प्रेरित करती हैं।
प्रतियोगिता के संयोजक अब्बासुद्दीन तापादार ने बताया कि यह इस प्रतियोगिता का नौवां संस्करण था। उन्होंने कहा कि संस्थान को प्राचार्य, ज्यूरी और प्रायोजकों का निरंतर सहयोग मिलता रहा है, जिससे यह आयोजन इस मुकाम तक पहुंचा है।
सह-संयोजक सुप्रीति मिश्रा ने बताया कि प्रतियोगिता की लोकप्रियता हर वर्ष बढ़ रही है। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रो. कविता अरोड़ा, डॉ. कनिका सोलंकी, डॉ. किरण यादव, डॉ. दीपांक, डॉ. दीपक शुक्ला, डॉ. जितेंद्र, डॉ. अवनीश मिश्रा तथा छात्र स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सत्यवान
