कानपुर, 13 (हि.स.)। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को अपने उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने और डिजिटल लेन-देन को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, ताकि पारंपरिक कारीगरों के उत्पाद देश-विदेश के बाजारों तक पहुंच सकें। यह बातें शुक्रवार को मेसर्स जेट निटवियर्स प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक बलराम नरूला ने कहीं।

वे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत एमएसएमई विकास कार्यालय, कानपुर द्वारा आयोजित प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों की दो दिवसीय प्रदर्शनी एवं ट्रेड फेयर-2026 के समापन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। 12 और 13 मार्च को कार्यालय परिसर में आयोजित इस प्रदर्शनी में योजना से जुड़े कारीगरों ने अपने पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए निदेशक विष्णु कुमार वर्मा ने कहा कि पारंपरिक व्यवसाय को सुदृढ़ बनाने के साथ कारीगरों को आधुनिक विपणन व्यवस्था और डिजिटल भुगतान प्रणाली से भी जुड़ना चाहिए। इससे उनके उत्पादों को अधिक बाजार मिलेगा और आय में भी वृद्धि होगी।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया और उन्हें आगे बेहतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर उपनिदेशक एस.के. पाण्डेय, सहायक निदेशक अमित बाजपेयी, आलोक श्रीवास्तव, के.पी. शील और सोनिका रस्तोगी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक अविनाश कुमार अपूर्व ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सहायक निदेशक नीरज कुमार ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योजना के लाभार्थियों ने भाग लेकर अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया और विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
