नई दिल्ली, 24 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि देश वैश्विक लक्ष्यों से पहले ही टीबी मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

सरकार ने टीबी उन्मूलन के लिए बजट में दस गुना वृद्धि की है, जिससे जांच, उपचार और शोध को मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में टीबी उन्मूलन एक “जन भागीदारी” आंदोलन बन चुका है, जिसमें समाज के सभी वर्ग सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
विश्व टीबी दिवस 2026 के अवसर पर मंगलवार को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नड्डा ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने टीबी मामलों में 21 प्रतिशत की कमी और मृत्यु दर में 25 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है, जो वैश्विक औसत से बेहतर है। इलाज की पहुंच अब 92 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जबकि बिना पहचान वाले टीबी मरीजों की संख्या 10 लाख से घटकर 1 लाख से भी कम हो गई है।
इस अवसर पर उन्होंने 100-दिवसीय “टीबी मुक्त भारत अभियान” की शुरुआत की, जो देश के 1.58 लाख गांवों और शहरी वार्डों में लागू किया जाएगा। इस अभियान के तहत माइक्रो-प्लानिंग के जरिए लक्षित हस्तक्षेप किए जाएंगे, जिससे कमजोर और वंचित वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें।
केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि दिसंबर 2024 से अब तक 20 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई है, जिसमें 32.65 लाख टीबी मरीजों की पहचान हुई, जिनमें 10.9 लाख ऐसे मरीज भी शामिल हैं जिनमें कोई स्पष्ट लक्षण नहीं थे। इसे टीबी नियंत्रण में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
डिजिटल पहल के तहत “टीबी मुक्त भारत ऐप” भी लॉन्च किया गया, जिसमें ‘खुशी’ नाम का एआई-आधारित चैटबॉट शामिल है। यह मरीजों को लक्षण, जांच और इलाज से जुड़ी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद की सराहना करते हुए कहा कि ट्रूनैट जैसी तकनीकें टीबी जांच में क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीबी एक पूरी तरह से रोकी और ठीक की जा सकने वाली बीमारी है, लेकिन इसके लिए समय पर जांच और सामाजिक भेदभाव को खत्म करना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रिजेश पाठक सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस दौरान ‘निक्षय वाहन’ को भी हरी झंडी दिखाई गई, जो दूरदराज क्षेत्रों में टीबी जांच और इलाज की सुविधा पहुंचाने में मदद करेगा।
इस कार्यक्रम में “निक्षय शपथ” भी दिलाई गई, जिसके माध्यम से देश को टीबी मुक्त बनाने के लिए सामूहिक संकल्प दोहराया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी
