धमतरी, 08 फ़रवरी (हि.स.)। धमतरी जिले में स्मार्ट मीटर परियोजना बिजली विभाग के लिए गेमचेंजर साबित हो रही है। वर्षों से अटकी बकाया वसूली की समस्या अब तेजी से सुलझ रही है। स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद महज कुछ महीनों में ही विभाग ने करीब 64 लाख रुपये का पुराना बिजली बिल वसूल कर लिया है, जो पहले बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता था।

स्मार्ट मीटर सिस्टम लागू होने के बाद अब तक 650 से अधिक उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा चुके हैं, जिन्होंने लंबे समय तक बिजली बिल का भुगतान नहीं किया था। खास बात यह है कि यह पूरी प्रक्रिया राजधानी रायपुर से ऑनलाइन संचालित की जा रही है। बीपी नंबर के आधार पर मीटर को सीधे डिस्कनेक्ट किया जा रहा है, जिससे फील्ड स्टाफ को मौके पर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही। जानकारी के अनुसार जिले में एक हजार से अधिक उपभोक्ताओं पर करीब 80 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया था। स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली कटने की आशंका से अधिकांश उपभोक्ताओं ने अपने पुराने बकाये का भुगतान कर दिया। बड़ी संख्या में उपभोक्ता बठेना स्थित पावर हाउस पहुंचकर बिल जमा कर रहे हैं। बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिल जारी होने के बाद उपभोक्ताओं को तय तिथि के अलावा 21 दिन की अतिरिक्त मोहलत दी जाती है। इसके बाद भी भुगतान नहीं होने पर स्मार्ट मीटर के जरिए ऑनलाइन कनेक्शन काट दिया जाएगा। इस प्रक्रिया में किसी भी कर्मचारी को उपभोक्ता के घर जाने की आवश्यकता नहीं होगी, पूरा नियंत्रण रायपुर से रहेगा। स्मार्ट मीटर लगाने का उद्देश्य केवल बकाया वसूली तक सीमित नहीं है, बल्कि बिजली की बचत और चोरी पर प्रभावी रोक भी इसका अहम लक्ष्य है। जिले में कुल 1.08 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। अब तक करीब 96 हजार घरों और संस्थानों में मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि शेष 12 हजार मीटर अगले दो महीनों में लगाने की योजना है। विभाग ने 31 मार्च तक सभी घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य तय किया है। इस संबंध में विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता अनिल सोनी ने बताया कि स्मार्ट मीटर से वसूली प्रक्रिया न केवल पारदर्शी हुई है, बल्कि पहले से कहीं अधिक प्रभावी भी साबित हो रही है। आने वाले समय में सभी मीटर लगने के बाद प्री-पेड और पोस्ट-पेड सिस्टम लागू करने की भी तैयारी है, जिससे उपभोक्ताओं के साथ-साथ विभाग को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा
