इलाज न मिलने से युवक की मौत, पूरी रात अस्पताल के सामने शव रखकर धरने पर बैठे ग्रामीण

धमतरी, 16 फ़रवरी (हि.स.)। धमतरी जिला के नगरी ब्लॉक के अंतिम छोर वनांचल क्षेत्र बोरई में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही ने एक बार फिर सिस्टम की पोल खोल दी। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक को समय पर उपचार नहीं मिलने से उसकी मौत हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने पूरी रात सिविल अस्पताल बोरई के सामने शव रखकर धरना-प्रदर्शन किया और सोमवार को स्टेट हाईवे पर सड़क जाम कर दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 11 बजे बोरई-घुटकेल मार्ग पर एक युवक मोटरसाइकिल सहित सड़क पर बेसुध अवस्था में पड़ा मिला। सूचना पर बोरई थाना पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल को तत्काल सिविल अस्पताल बोरई लाया गया। आरोप है कि अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही मेडिकल स्टाफ। गंभीर हालत में तड़प रहे युवक को उपचार नहीं मिल सका और उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। पूरी रात अस्पताल परिसर के सामने शव रखकर धरना दिया गया। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और 24 घंटे डॉक्टर व स्टाफ की अनिवार्य तैनाती की मांग की।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं आदिवासी नेता मनोज साक्षी ने कहा कि यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था की घोर लापरवाही को दर्शाती है। नगरी के बीएमओ डॉ. नेताम को मोबाइल पर सूचना दी गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र में नगरी और बोरई को सिविल अस्पताल का दर्जा प्राप्त है, लेकिन बोरई में पर्याप्त डॉक्टर और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इस मुद्दे को लेकर पूर्व में भी कई बार आंदोलन हो चुके हैं, परंतु हर बार केवल आश्वासन ही मिला।
ग्रामीणों का कहना है कि जब अस्पताल में इमरजेंसी सेवा उपलब्ध ही नहीं है तो दूरस्थ वनांचल क्षेत्र के लोग आपात स्थिति में कहां जाएं? उनका आरोप है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, अन्यथा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों ने किया सड़क जाम:
सोमवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने बोरई स्टेट हाईवे पर सड़क जाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही नगरी अनुविभागीय राजस्व अधिकारी और एसडीओपी मौके पर पहुंचे तथा समझाइश दी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा। वनांचल क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। इस ताजा घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं कब तक नसीब होंगी?
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा
