शिमला, 11 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार में राजस्व और जनजातीय मामलों के मंत्री जगत सिंह नेगी ने राज्य के पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के कार्यकाल को जनजातीय क्षेत्रों के लोगों के लिए नाइंसाफी वाला बताया है।

शिमला में बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए नेगी ने कहा कि नौतोड़ से जुड़े मामलों को मंजूरी न देने के कारण सीमावर्ती जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को लेकर वे कई बार राज्यपाल से मिले, लेकिन तीन साल तक लंबित मामलों पर कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी।
जगत सिंह नेगी के मुताबिक वे नौतोड़ के मुद्दे पर पूर्व राज्यपाल से आठ बार मिलने गए थे। उन्होंने कहा कि नौवीं बार मिलने की कोशिश भी की गई, लेकिन उस दौरान राज्यपाल ने इस विषय पर कोई निर्णय नहीं लिया और टिप्पणी करके चले गए। नेगी ने कहा कि राज्यपाल के कार्यकाल के दौरान जनजातीय इलाकों के लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो सका, जिससे लोगों में निराशा पैदा हुई।
पूर्व राज्यपाल द्वारा हिमाचल के वर्क कल्चर को लेकर दिए गए बयान पर भी मंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति की ओर से इस तरह का बयान देना गैर-जिम्मेदाराना है। उनके मुताबिक यदि राज्यपाल को यह लग रहा था कि उन्हें सही जानकारी नहीं दी जा रही है, तो संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए वे कार्रवाई कर सकते थे। नेगी ने आरोप लगाया कि ऐसा न करके लोगों को भ्रमित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व राज्यपाल और विपक्ष के कुछ नेता जनजातीय समुदाय के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं।
इस दौरान मंत्री जगत सिंह नेगी ने नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर हर विषय के विशेषज्ञ नहीं हो सकते और कई मुद्दों पर उनकी टिप्पणियां वास्तविकता से दूर होती हैं। रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट के मुद्दे पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि इस विषय पर जयराम ठाकुर चुप क्यों हैं। नेगी ने जयराम ठाकुर के उस बयान पर भी पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि मंत्रिमंडल नहीं, मित्र मंडल सरकार चला रहा है।
नेगी ने कहा कि अपने कार्यकाल में जयराम ठाकुर किस तरह का मित्र मंडल चलाते थे, यह प्रदेश की जनता अच्छी तरह जानती है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश की मौजूदा आर्थिक स्थिति के लिए पिछली भाजपा सरकार जिम्मेदार है।
मंत्री ने इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों की भी आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि देश पर ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो गया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के कई हिस्सों में गैस सिलेंडर की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
इसके अलावा पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन के मुद्दे पर भी नेगी ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए कहा कि वह लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
