क्षमता 90 बेड की, रिकॉर्ड में मरीज भर्ती दर्शाये 200 से अधिक

नारनाैल, 27 फ़रवरी (हि.स.)। नारनौल स्थित एक निजी अस्पताल में आयकर विभाग की टीम शुक्रवार को भी दस्तावेजों की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है। बुधवार को शुरू हुआ सर्च अभियान तीसरे दिन शुक्रवार को भी लगातार जारी रहा। गुरुग्राम से पहुंची टीम अस्पताल के दस्तावेज, कंप्यूटर सिस्टम और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन पड़ताल में जुटी है।

जानकारी के अनुसार गुरुग्राम से आए आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के तहत गंभीर अनियमितताओं और संभावित आयकर चोरी की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि बिना वास्तविक मरीजों के ही फर्जी बिल क्लेम किए गए हो सकते हैं। यदि ऐसा पाया गया तो मामला भारत सरकार के साथ धोखाधड़ी की श्रेणी में आएगा।
जांच अधिकारी के अनुसार अस्पताल की क्षमता लगभग 90 बेड की है, जबकि रिकॉर्ड में एक ही दिन में 200 से अधिक मरीजों को भर्ती दर्शाया गया है। यह आंकड़ा संभव नहीं माना जा रहा, जिससे रिकॉर्ड की सत्यता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसे में बिलिंग, भुगतान और मरीजों के रिकॉर्ड को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आयकर विभाग को अस्पताल की वित्तीय प्रोफाइल में भी असामान्य वृद्धि के संकेत मिले हैं। पिछले दो वर्षों में प्रबंधन द्वारा छह से सात बड़े अस्पताल खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है, जो घोषित आय से मेल नहीं खाती। जांच अधिकारियों के अनुसार यदि धोखाधड़ी प्रमाणित होती है, तो मामला अन्य संबंधित सरकारी एजेंसियों के साथ भी साझा किया जाएगा। फिलहाल टीम अस्पताल के दस्तावेज, डिजिटल डाटा, बिलिंग रिकॉर्ड और बैंक लेनदेन की बारीकी से जांच कर रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला
