प्रयागराज, 10 फरवरी (हि.स)। दिव्यांगता मुक्त भारत (डी.बी.एम.) एक राष्ट्रीय मिशन है, जिसे महावीर सेवा सदन (एम.एस.एस.), कोलकाता और परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश द्वारा परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष चिदानंद सरस्वती महाराज के दिव्य आशीर्वाद और मार्गदर्शन में 22 से 27 फरवरी तक परमार्थ त्रिवेणी पुष्प अरैल घाट के पास नैनी, प्रयागराज में दिव्यांगजनों को निःशुल्क उपकरण प्रदान किया जायेगा।

यह बातें सिविल लाइन स्थित एक होटल में डॉ पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि आने वाले दस वर्षों में भारत को शारीरिक अक्षमता से मुक्त करने के उद्देश्य से परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश और महावीर सेवा सदन, कोलकाता की यह संयुक्त पहल है। जो स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज के प्रेरणा, दिव्य आशीर्वाद और मार्गदर्शन में आगे बढ़ रही है। इसके लिए पंजीकरण परमार्थ त्रिवेणी पुष्प अरैल घाट के पास नैनी, प्रयागराज में आज से प्रारम्भ कर दिया गया है। जिसे दूरभाष 9839345999 एवं 9830327979 पर किया जा रहा है।

डॉ पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हमारा सपना बहुत स्पष्ट है कि जहां कोई बच्चा अपने सपनों से पहले अपनी मजबूरी न देखे, जहां कोई युवा बैसाखी के सहारे नहीं, आत्मविश्वास के सहारे चले, और जहां कोई बुजुर्ग स्वयं को बोझ नहीं, बल्कि सम्मानित महसूस करे। दिव्यांगता मुक्त भारत हमारा लक्ष्य है। हम सभी जानते हैं कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की कमजोरी नहीं होती। कमजोरी तब होती है जब समाज उस व्यक्ति का साथ नहीं देता।
उन्होंने आगे कहा कि उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर से शुरू हुई यह सेवा-यात्रा आज मध्य प्रदेश, गुजरात, ओडिशा और उत्तर प्रदेश तक पहुंच चुकी है। दिव्यांगता मुक्त उत्तर प्रदेश की पहल के अंतर्गत प्रयागराज में सेवा देते हुए निःशुल्क कृत्रिम अंग व अन्य उपकरण प्रदान करेंगे। परमार्थ निकेतन पिछले कई दशकों से अपने नाम के अनुरूप परमार्थ और सेवा कार्यों में लगा हुआ है, यह केवल संस्था नहीं, बल्कि लाखों लोगों के लिए आशा की लौ जला रहा है। स्वामीजी के दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण, नदियों को बचाओ और मानवीय सेवा के माध्यम से परमार्थ ने यह सिखाया है कि सच्ची आध्यात्मिकता वही है, जो पीड़ा को कम करे। वहीं महावीर सेवा सदन ने सेवा को संकल्प में बदला है।
उन्होंने बताया कि अब तक पांच लाख से अधिक दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग देकर उनके पैरों को ही नहीं, उनकी जिंदगी को गति दी है। सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चों के लिए बनाया गया पुनर्वास केंद्र भारत में करुणा और प्रतिबद्धता का अद्भुत उदाहरण है। इसी सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए, आज हमें यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि दिव्यांगता मुक्त भारत मिशन के अंतर्गत परमार्थ त्रिवेणी पुष्प, प्रयागराज में एक निःशुल्क कृत्रिम अंग वितरण शिविर आयोजित किया जा रहा है। यह केवल अंग वितरण का शिविर नहीं है । यह टूटे हुए आत्मविश्वास को फिर से खड़ा करने का प्रयास है। यहां किसी को बार-बार चक्कर नहीं लगाने होंगे। उसी दिन माप, उसी दिन फिटिंग, उसी दिन नई शुरुआत की जायेगी। इसके लिए परमार्थ त्रिवेणी पुष्प अरैल घाट के पास नैनी, संतोष पाण्डेय 9839345999 एवं आदित्य मारदा 9830327979 से भी सम्पर्क कर सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र
