कोलकाता, 17 फरवरी (हि.स.)। मध्यप्रदेश के इंदौर और हरियाणा के पलवल के बाद अब कोलकाता के न्यू टाउन स्थित एक आवासीय परिसर में दूषित जल की शिकायत सामने आई है। आरोप है कि पिछले तीन सप्ताह से परिसर के ई-ब्लॉक के 300 से अधिक निवासी डायरिया से पीड़ित हैं। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

आवास में कुल 522 निवासी रहते हैं। प्रभावित लोगों का दावा है कि लगभग हर फ्लैट में कम से कम एक व्यक्ति पेट दर्द, उल्टी और तेज बुखार से जूझ रहा है। निवासियों का आरोप है कि ओवरहेड टैंक के समुचित रखरखाव में लापरवाही के कारण जल दूषित हो गया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

एक निवासी ने बताया कि उनकी दो बेटियां अस्पताल में भर्ती हैं और चिकित्सकों ने दूषित पानी को बीमारी का कारण बताया है। उनका कहना है कि नल खोलते ही बदबूदार पीला पानी निकल रहा है। एक अन्य निवासी ने कहा कि लगभग हर इमारत में कोई न कोई बीमार है और यह संयोग नहीं हो सकता।
स्थिति से नाराज निवासियों ने टेक्नोसिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने परिसर का दौरा कर सुविधा प्रबंधन को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
मामले की जानकारी मिलने के बाद न्यू टाउन कोलकाता डेवलपमेंट अथॉरिटी (एनकेडीए) भी सक्रिय हो गई है। हालांकि एनकेडीए के एक अधिकारी ने दावा किया कि पिछले सप्ताह तक जल परीक्षण रिपोर्ट में किसी प्रकार के प्रदूषण के संकेत नहीं मिले थे। उन्होंने कहा कि साप्ताहिक रूप से जल की गुणवत्ता की जांच की जाती है। शिकायत मिलने के बाद दोबारा नमूने एकत्र किए गए हैं और यह जांच की जाएगी कि समस्या जल आपूर्ति में है या आंतरिक भंडारण व्यवस्था में।
फिलहाल जांच जारी है और स्वास्थ्य विभाग भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
