जयपुर, 12 मार्च (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान में पंचायत चुनाव में कथित देरी को लेकर दायर याचिका में दखल से इनकार कर दिया है। वहीं प्रार्थी को छूट देते हुए कहा है कि वह चाहे तो उचित मंच के समक्ष अपना पक्ष रख सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश बिहारी लाल रणवा की एसएलपी को निस्तारित करतेे हुए दिया।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंकुर रस्तोगी ने कहा कि राज्य सरकार पंचायत की चुनाव प्रक्रिया में देरी का प्रयास कर रही है, जबकि राज्य सरकार ने पूर्व में सुप्रीम कोर्ट में यह आश्वासन दिया था कि प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। ऐसे में प्रदेश में तय समय में ही पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पूरी करवाई जाए। वहीं राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया जारी है। राज्य सरकार अदालत के आदेशों और संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार ही चुनाव की कार्रवाई कर रही है। हालांकि राज्य सरकार ने यह भी कहा कि चुनाव कराने से संबंधित प्रक्रियाएं कई प्रशासनिक चरणों से गुजरती हैं और इन्हें पूरा करने में कुछ समय लगना स्वाभाविक है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनकर कहा कि वह इस स्तर पर मामले में दखल देना नहीं चाहते। ऐसे में याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता है कि यदि उसे अदालती निर्देश के पालन में कोई शिकायत है तो वह उचित मंच के समक्ष जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक
