शिमला, 11 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के पुनर्गठन को लेकर हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणियों के बाद विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा के प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने बुधवार को एक बयान में कहा है कि अदालत की टिप्पणियों से साफ हो गया है कि राज्य सरकार पंचायती राज चुनावों को लेकर शुरुआत से ही भ्रम और असमंजस की स्थिति पैदा करती रही है। उनका आरोप है कि सरकार ने पहले अलग-अलग कारण बताकर पंचायत चुनावों को टालने की कोशिश की और अब पुनर्गठन के नाम पर जल्दबाजी में फैसले लेकर पूरी प्रक्रिया को उलझा दिया है।

त्रिलोक कपूर ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा पंचायतों के पुनर्गठन से जुड़ी अधिसूचना पर सवाल उठाया जाना इस बात का संकेत है कि सरकार ने बिना पर्याप्त तैयारी और नियमों का सही तरीके से पालन किए यह फैसला लिया। उन्होंने कहा कि अदालत की टिप्पणियां बताती हैं कि सरकार के निर्णय में कई खामियां हैं, जिसके कारण न्यायालय को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा।
कपूर के मुताबिक पंचायती राज संस्थाएं लोकतंत्र की सबसे मजबूत और बुनियादी इकाइयों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं के चुनाव पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और निर्धारित नियमों के तहत कराए जाने चाहिए। लेकिन उनका आरोप है कि मौजूदा सरकार ने अपने राजनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए इस पूरी प्रक्रिया को संदेह के घेरे में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि पहले पंचायत चुनावों को टालने की कोशिश की गई और जब चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने लगी तो पंचायतों के पुनर्गठन का फैसला लेकर एक नई स्थिति पैदा कर दी गई।
भाजपा नेता ने कहा कि सरकार के इन फैसलों की वजह से प्रदेश में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि इससे पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच भी असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने समय पर सभी नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया होता तो आज ऐसी स्थिति सामने नहीं आती।
त्रिलोक कपूर ने कांग्रेस सरकार से मांग की है कि पंचायती राज चुनावों की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और स्पष्टता के साथ आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से बचना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनी रहे। कपूर ने कहा कि लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को प्रदेश की जनता स्वीकार नहीं करेगी और आने वाले समय में जनता इस मुद्दे पर अपनी राय भी देगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
