रांची, 18 अप्रैल (हि.स.)। झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने कहा है कि वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने की बजाय उसमें संशोधन के नाम पर परिसीमन विधेयक को पारित कराना केंद्र सरकार की प्राथमिकता सूची में था। केंद्र सरकार की मंशा महिलाओं को प्रतिनिधित्व देना नहीं चाहती है। यदि सरकार की मंशा साफ होती तो वर्तमान 543 सीटों पर ही 2024 के चुनाव में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर सकती थी जिससे लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या 180 हो जाती, लेकिन भाजपा की नियत में खोट है। 2023 के विधेयक में पहले जनगणना फिर परिसीमन और महिला आरक्षण 2029 में लागू करने का विधेयक सरकार की ओर से लाया गया जिसे कांग्रेस सहित विपक्ष ने पूरी तरह से समर्थन दिया था। यह बातें प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सोनाल शांति ने शनिवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा।

उन्होंने कहा कि आखिर क्या कारण है कि हड़बड़ी में पुनः बिल लाया गया। इस पर राज्य के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी को जवाब देना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी लाख चाहें लेकिन महिलाएं भाजपा के झांसे में नहीं आयेंगी। 131 वें संविधान संशोधन विधेयक का पारित न होना लोकतंत्र की बड़ी जीत है। भारत के संघीय ढांचे को बदलने और लोकतंत्र को कमजोर करने की सरकार की साजिश नाकाम हो गयी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak
